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संविदा कर्मियों का सरकार को 'अल्टीमेटम'
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 15 Mar 2016 10:04 PM IST
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दून अस्पताल और दून महिला अस्पताल में कार्यरत 173 संविदा कर्मचारियों ने अब मंत्री के आदेश के बावजूद अनुबंध विस्तार पर जीओ जारी न होने के विरोध में आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
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कर्मचारियों ने मंगलवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री हरक सिंह रावत से मुलाकात की। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 19 मार्च तक सभी कर्मचारियों को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में संबद्ध कर अनुबंध के विस्तार का जीओ जारी नहीं हुआ तो वे कार्य बहिष्कार को बाध्य होंगे।
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दून व दून महिला अस्पताल में, पीआरडी, दून अस्पताल प्रबंधन समिति और उपनल के जरिये 173 कर्मियों (113 दून व 60 दून महिला) को संविदा पर रखा गया था।
इनमें डायटिशियन, तकनीकी स्टाफ के साथ ही गार्ड आदि शामिल है। अस्पताल के स्थाई स्टाफ को दून मेडिकल कालेज के तहत ले लिया गया है। लेकिन, जो कर्मचारी संविदा पर हैं उनके अनुबंध का विस्तार विभाग ने नहीं किया है।
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31 मार्च 2016 को खत्म हो गया अनुबंध:
पूर्व में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओम प्रकाश ने 31 मार्च 2016 को अनुबंध खत्म करने के लिए कर्मचारियों को नोटिस जारी किया था। जिससे कर्मचारियों ने कई बार कॉलेज के प्रिंसिपल, एमएस, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा से वार्ता की है लेकिन अब तक शासन ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। इससे कर्मचारी असहज हो गए हैं।
दून मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने कहा कि जिन कर्मचारियों को नोटिस जारी हुआ है, उन्हें दोबारा अनुबंध के लिए शासन को संस्तुति की जा चुकी है। सभी कर्मचारियों को इसमें जगह दी जाएगी।
मंगलवार को कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री हरक सिंह के आवास पर जाकर उनसे वार्ता की। मंत्री ने मामले में प्राचार्य से फोन पर बात करके हल निकालने के निर्देश दिए। कर्मचारियों का कहना है कि अगर उनकी मांग न मानी गई तो वह कार्यबहिष्कार सहित आंदोलन को तेज कर देंगे।