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गर्भवती महिला के साथ आशा के न आने से डीएम नाराज
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Wed, 24 May 2017 10:37 PM IST
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जिला अस्पताल में उपस्थिति पंजिका को देखते डीएम
- फोटो : अमर उजाला
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डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने बुधवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोहाघाट विकासखंड के बडोली से अल्ट्रासाउंड के लिए आई गर्भवती महिला के साथ आशा कार्यकर्ता के न आने के मामले में नाराजगी प्रकट की। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ को संबंधित आशा का नोटिस भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध पंचकर्म स्टाफ को तत्काल पंचकर्म चिकित्सा सुविधा शुरू करने उपस्थिति रजिस्टर व ओपीडी रजिस्टर को बेहतर ढंग से बनाने, ड्यूटी रोस्टर को दिन और रात की ड्यूटी के हिसाब से तैयार करने, डॉक्टर के नाम तथा मोबाइल नंबर के साथ-साथ डीएम का नंबर भी जिला अस्पताल के प्रवेश द्वार पर चस्पा करने को कहा।
डीएम ने पैरा मेडिकल तथा नॉनपैरा मेडिकल स्टाफ की आवश्यकतानुसार छंटनी करते हुए अतिरिक्त स्टाफ को अन्य अस्पतालों और एनआरएचएम से लिंक करने, स्कूलों में जाकर किशोर एवं किशोरियों की मनोवैज्ञानिक तौर पर काउंसिललिंग करने तथा जीआईसी धौन पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देशित किया। कहा कि जिला अस्पताल में ब्लड स्टोरेज यूनिट को तत्काल शुरू करने के साथ ही पिथौरागढ़ से टेस्टेड ब्लड उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र पत्राचार करें। डीएम ने अस्पताल परिसर में बने नए भवनों का निरीक्षण के दौरान खाली पड़ी भूमि पर गार्डन विकसित करने को कहा। ताकि मरीज एवं तीमारदार कुछ समय के लिए गार्डन में भी आकर बैठ सकें। इस मौके पर डीएम में भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जानने के साथ ही अस्पताल स्टाफ के विषय में राय ली।
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मेडिकल लीव प्रमाण पत्र न दिखाने पर लगाई फटकार
चंपावत। औचक निरीक्षण में उपस्थिति रजिस्टर की जांच के दौरान डीएम को अनुपस्थित मैटर्न बसंती तिवारी के मेडिकल लीव पर होना बताया गया, परंतु मेडिकल संबंधी कागज न दिखा पाने पर डीएम ने सीएमएस को फटकार लगाते हुए कहा कि स्टॉफ मेडिकल प्रमाण पत्र अस्पताल द्वारा क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने इस प्रकार के मेडिकल अस्पताल से ही निर्गत करने के आदेश दिए।
एक साल से एमडीआर मशीन उपयोग न होने पर भड़के
चंपावत। डीएम ने टीबी रोगियों के बलगम की जांच की एमडीआर मशीन के एक साल से उपयोग में न लाने पर सख्त नाराजगी जाहिर की। उन्होंने हिदायत दी कि टीबी संबंधी मामलों में स्टाफ पूरी ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बलगम जांचकर्ता मदन सिहं अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए सही तरीके से कार्य करने, सीरियस मामलों में बाहर रेफर किए जाने वाले मामलों की डिटेल हर 15 दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध पंचकर्म स्टाफ को तत्काल पंचकर्म चिकित्सा सुविधा शुरू करने उपस्थिति रजिस्टर व ओपीडी रजिस्टर को बेहतर ढंग से बनाने, ड्यूटी रोस्टर को दिन और रात की ड्यूटी के हिसाब से तैयार करने, डॉक्टर के नाम तथा मोबाइल नंबर के साथ-साथ डीएम का नंबर भी जिला अस्पताल के प्रवेश द्वार पर चस्पा करने को कहा।
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डीएम ने पैरा मेडिकल तथा नॉनपैरा मेडिकल स्टाफ की आवश्यकतानुसार छंटनी करते हुए अतिरिक्त स्टाफ को अन्य अस्पतालों और एनआरएचएम से लिंक करने, स्कूलों में जाकर किशोर एवं किशोरियों की मनोवैज्ञानिक तौर पर काउंसिललिंग करने तथा जीआईसी धौन पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देशित किया। कहा कि जिला अस्पताल में ब्लड स्टोरेज यूनिट को तत्काल शुरू करने के साथ ही पिथौरागढ़ से टेस्टेड ब्लड उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र पत्राचार करें। डीएम ने अस्पताल परिसर में बने नए भवनों का निरीक्षण के दौरान खाली पड़ी भूमि पर गार्डन विकसित करने को कहा। ताकि मरीज एवं तीमारदार कुछ समय के लिए गार्डन में भी आकर बैठ सकें। इस मौके पर डीएम में भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जानने के साथ ही अस्पताल स्टाफ के विषय में राय ली।
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मेडिकल लीव प्रमाण पत्र न दिखाने पर लगाई फटकार
चंपावत। औचक निरीक्षण में उपस्थिति रजिस्टर की जांच के दौरान डीएम को अनुपस्थित मैटर्न बसंती तिवारी के मेडिकल लीव पर होना बताया गया, परंतु मेडिकल संबंधी कागज न दिखा पाने पर डीएम ने सीएमएस को फटकार लगाते हुए कहा कि स्टॉफ मेडिकल प्रमाण पत्र अस्पताल द्वारा क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने इस प्रकार के मेडिकल अस्पताल से ही निर्गत करने के आदेश दिए।
एक साल से एमडीआर मशीन उपयोग न होने पर भड़के
चंपावत। डीएम ने टीबी रोगियों के बलगम की जांच की एमडीआर मशीन के एक साल से उपयोग में न लाने पर सख्त नाराजगी जाहिर की। उन्होंने हिदायत दी कि टीबी संबंधी मामलों में स्टाफ पूरी ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बलगम जांचकर्ता मदन सिहं अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए सही तरीके से कार्य करने, सीरियस मामलों में बाहर रेफर किए जाने वाले मामलों की डिटेल हर 15 दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।