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बुधवार को लोहाघाट पहुंचेंगे जगत
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Sat, 04 Feb 2017 09:52 PM IST
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बुधवार को लोहाघाट पहुंचेंगे जगत
- फोटो : अमर उजाला
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मलयेशिया में बंधक बने लोहाघाट हथरंगिया के जगत सिंह बिष्ट देश लौट आए हैं। शुक्रवार रात दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। जहां लधिया घाटी संगठन के लोगों ने जगत का माल्यार्पण कर स्वागत किया। जगत का कहना है कि वह बुधवार तक लोहाघाट पहुंचेगा।
मलयेशिया से दिल्ली लौटने के बाद जगत सिंह ने फोन पर बताया कि उड़ान में देरी होने के चलते शुक्रवार रात करीब 11 बजे वह दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे। जहां लधिया घाटी क्षेत्र के ईश्वर सिंह, भूपाल आदि ने जगत का स्वागत किया। बताया कि शनिवार को वह अपने साले बलवंत सिंह के पालम में महावीर इनक्लेव स्थित आवास में पहुंचा। जगत सिंह ने बताया कि वह बुधवार को अपने घर लोहाघाट में पहुंचेगे।
जगत सिंह ने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि मलयेशिया स्थित होटल में 35 लोग और भारतीय दूतावास में करीब 18 अन्य लोग फंसे हुए हैं। इसमें तमिलनाडु, कोलकाता, सिलीगुडी, चेन्नई आदि स्थानों के लोग शामिल हैं।
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जगत का कहना था कि 19 जनवरी की तड़के सुबह तीन बजे वह किसी तरह जान बचाकर होटल स्वामी के चंगुल से भागकर भारतीय दूतावास में पहुंचा। कहा कि स्थानीय प्रशासन और मीडिया के सहयोग से उन्हें अकेले भारत भेजा गया। जगत सिंह ने भारत सरकार से मलयेशिया में फंसे सभी भारतीय नागरिकों को शीघ्र स्वदेश लाने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया है। बताया कि वे निजी काम से रामपुर जा रहे हैं तथा बुधवार तक लोहाघाट पहुंचेंगे। सहयोग के लिए जगत ने सभी का आभार जताया। जगत की पत्नी नीलम और उनके बेटे रोहित व चंचल ने पिता के स्वदेश पहुंचने में खुशी जताई है।
नवीन के ट्वीट से बनी बात
लधिया घाटी के नवीन सिंह भंडारी ने मलयेशिया में फंसे जगत सिंह भंडारी को छुड़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग किया। गुजरात के अहमदाबाद में एक निजी कंपनी में काम करने वाले नवीन को जब वाकये की जानकारी हुई, तो उन्होंने 29 जनवरी को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट कर जगत की स्वदेश वापसी में सहयोग की अपील की। इसके बाद मंत्रालय और प्रशासन सक्रिय हुआ।
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मलयेशिया से दिल्ली लौटने के बाद जगत सिंह ने फोन पर बताया कि उड़ान में देरी होने के चलते शुक्रवार रात करीब 11 बजे वह दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे। जहां लधिया घाटी क्षेत्र के ईश्वर सिंह, भूपाल आदि ने जगत का स्वागत किया। बताया कि शनिवार को वह अपने साले बलवंत सिंह के पालम में महावीर इनक्लेव स्थित आवास में पहुंचा। जगत सिंह ने बताया कि वह बुधवार को अपने घर लोहाघाट में पहुंचेगे।
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जगत सिंह ने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि मलयेशिया स्थित होटल में 35 लोग और भारतीय दूतावास में करीब 18 अन्य लोग फंसे हुए हैं। इसमें तमिलनाडु, कोलकाता, सिलीगुडी, चेन्नई आदि स्थानों के लोग शामिल हैं।
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जगत का कहना था कि 19 जनवरी की तड़के सुबह तीन बजे वह किसी तरह जान बचाकर होटल स्वामी के चंगुल से भागकर भारतीय दूतावास में पहुंचा। कहा कि स्थानीय प्रशासन और मीडिया के सहयोग से उन्हें अकेले भारत भेजा गया। जगत सिंह ने भारत सरकार से मलयेशिया में फंसे सभी भारतीय नागरिकों को शीघ्र स्वदेश लाने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया है। बताया कि वे निजी काम से रामपुर जा रहे हैं तथा बुधवार तक लोहाघाट पहुंचेंगे। सहयोग के लिए जगत ने सभी का आभार जताया। जगत की पत्नी नीलम और उनके बेटे रोहित व चंचल ने पिता के स्वदेश पहुंचने में खुशी जताई है।
नवीन के ट्वीट से बनी बात
लधिया घाटी के नवीन सिंह भंडारी ने मलयेशिया में फंसे जगत सिंह भंडारी को छुड़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग किया। गुजरात के अहमदाबाद में एक निजी कंपनी में काम करने वाले नवीन को जब वाकये की जानकारी हुई, तो उन्होंने 29 जनवरी को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट कर जगत की स्वदेश वापसी में सहयोग की अपील की। इसके बाद मंत्रालय और प्रशासन सक्रिय हुआ।