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गर्मी शुरू होते ही लोहाघाट में गहराने लगा पेयजल संकट
Mon, 15 Apr 2019 10:48 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Mon, 15 Apr 2019 10:48 PM IST
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लोहाघाट में शिवालय मंदिर के पास बने स्टेंड पोस्ट से पानी भरते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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गर्मी शुरू होते ही नगर क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। लोगों को तीसरे या चौथे दिन पानी मिलने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग प्यास बुझाने के लिए हैंडपंपों, अक्कल धारे, नर्सरी-गधेरे, शिवालय मंदिर से पानी ढोने को मजबूर हैं।
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लोहाघाट नगर के लिए बनी चार पेयजल योजनाओं में मांग के सापेक्ष आधे से भी कम पानी मिल पा रहा है। पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए जल संस्थान की ओर से अभी तक टैंकरों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद वर्मा का कहना है कि नगर के सार्कीटोला वार्ड, बजरंगबली, लोहावती, ऋषेश्वर, ठाडाढुंगा, मीनाबाजार, कचहरी वार्डों में लोगों को तीसरे या चौथे दिन पानी मिल पा रहा है।
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इस स्थिति को देखते हुए गर्मी बढ़ने पर लोगों को भारी दिक्कतें हो सकती हैं। जल संस्थान के अवर अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि लोहाघाट नगर के लिए प्रतिदिन 21 सौ केएल पानी की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान में 620 केएल ही पानी मिल पा रहा है।
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बताया कि नगर की चौड़ी लिफ्ट पेयजल योजना से 400 केएल, बनस्वाड़ योजना से 130 केएल, फोर्ती योजना से 30 केएल और ऋषेश्वर स्थित नलकूप से 30 केएल पानी मिल पा रहा है। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए जल्द ही टैंकरों के जरिए मेन टैंक में पानी डालकर सप्लाई की जाएगी।
गर्मी में जरूरत पड़ने पर रोस्टर से बांटेगा पानी
चंपावत। गर्मी के दौरान जल संस्थान नगर क्षेत्र में पानी की जरूरत पड़ने पर रोस्टर के माध्यम से पानी बांटेगा। नगर क्षेत्र में पानी की स्थिति वर्तमान में सामान्य बनी हुई है। जल संस्थान ने गर्मी को देखते हुए रोस्टर तैयार कर लिया है। जरूरत पड़ने पर पिकप और टैंकरों से पानी वितरण किया जाएगा।
इस बार फरवरी तक जमकर हुई बारिश से अप्रैल में भी नगर क्षेत्र में पानी की किल्लत शुरू नहीं हुई है। पिछले वर्ष में जल संस्थान के टैंकर और पिकप ने मार्च से ही पानी बांटना शुरू कर दिया था।
इस वर्ष अप्रैल का आधा महीना भी खत्म हो चुका है लेकिन नलों में सुबह-शाम के वक्त पानी आ रहा है। वहीं कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी शुरू होने लगी है। लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जल संस्थान के एई आरके वर्मा ने बताया कि वर्तमान में पिकप और टैंकर से पानी बांटने की जरूरत नहीं पड़ रही है। उन्होंने कहा कि गर्मी में जरूरत पड़ने पर टैंकर और पिकप से रोस्टर के माध्यम से पानी बांटा जाएगा।