जल संस्थान ने पीपीपी मोड अस्पताल को भेजा नोटिस
पीपीपी मोड में संचालित अस्पताल प्रबंधन ने अभी तक पेयजल बिलों का लगभग दो लाख रुपए का भुगतान नहीं किया है। जल संस्थान की ओर से अस्पताल प्रबंधन को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। इसमें जलकर की दो लाख रुपए की राशि जमा न किए जाने पर 28 अक्तूबर को पेयजल संयोजन काटने के साथ वसूली के लिए राजस्व विभाग को आरसी भेजने का नोटिस दिया गया है।
जल संस्थान के अफसरों के अनुसार 25 अक्तूबर 2013 को गंगाशील अस्पताल बरेली ने व्यवस्था अपने हाथ में ली थी, तब से विभाग की ओर से जलकर की अदायगी के लिए आधा दर्जन से अधिक नोटिस जारी किए जाते रहे। स्थानीय प्रबंधक विभाग को गुमराह करते रहे।
उधर, बिजली विभाग के भी लाखों के बिल रुके पड़े हैं। एसडीओ एचएस सौन के अनुसार मार्च में विभाग के अस्पताल की बिजली काट दिए जाने के बाद प्रबंधन ने बिल की कुछ राशि अदा की गई थी। अब शेष राशि के भुगतान के लिए 31 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। मालूम हो कि राज्य सरकार ने अस्पताल की व्यवस्था प्रबंधन से हटाकर पुन: अपने हाथ में लेने का आदेश जारी किया गया है।
हस्तांतरण पर नजर रखेगी समिति
सीएमएस डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि प्रबंधन से अस्पताल की व्यवस्था समेटने का आदेश मिल चुका है। इस संबंध में सर्जन डॉ.आरपी खंडूरी, एसीएमओ डॉ.केसी ठाकुर और उनकी देख रेख में समिति गठित की गई है, जो हस्तांतरण प्रक्रिया पर नजर रखेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही प्रबंधन को राज्य सरकार उसके अवशेष बिलों का भुगतान करेगी।