फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Walks up to seven generations "Brock" relationship between the families

सात पीढ़ियों तक चलता है ‘मिज्जू’ परिवारों के बीच रिश्ता

Sat, 06 Aug 2016 10:29 PM IST
सतीश जोशी ‘सत्तू’/अमर उजाला, चंपावत
सतीश जोशी ‘सत्तू’/अमर उजाला, चंपावत Updated Sat, 06 Aug 2016 10:29 PM IST
विज्ञापन
Walks up to seven generations "Brock" relationship between the families
चंपावत के सीमांत बमनगांव में मिज्जू परंपरा के तहत गंधाक्षत की रस्म निभाते दो मित्र। - फोटो : अमर उजाला
सामाजिक अलगाव के इस दौर मेें भी कुमाऊं में सात पीढ़ियों तक रिश्ता निभाने की एक अनूठी परंपरा कायम है। कभी चंद वंश के राजाओं ने इस ‘मिज्जू’ परंपरा की शुरुआत की थी। आज भी मिज्जू लगता है तो दो अलग-अलग जातियों और समुदायों के बीच मित्रता की डोर सात पीढ़ियों के लिए बंध जाती है।
विज्ञापन


मान्यता है कि ‘मिज्जू’ लगाने वाले परिवार सगे संबंधियों की तरह होते हैं। साहित्यकार प्रकाश जोशी शूल का कहना है कि यह परंपरा जाति कुल के बंधन से दूर होती है। दो अजनबी परिवारों के बीच ‘मिज्जू’ लगाने की परंपरा से तत्कालीन सामाजिक सुरक्षा का बोध भी होता है। कमजोर ब्राह्मण की सशक्त ठाकुर से मित्रता भी होती रही है और कमजोर दलित की किसी दूसरे सक्षम वर्ग से मित्रता भी।
विज्ञापन


‘मिज्जू’ परंपरा का निर्वहन कर रहे मदन सिंह महर के मुताबिक दो अलग-अलग परिवारों के बीच मित्रता के लिये सबसे पहले गंधाक्षत की परंपरा होती है। इसमें ‘मिज्जू’ लगाने वाले दोनों परिवारों के बीच पूजा-अर्चना के साथ गंधाक्षत (रोली टीका) किया जाता है। इसके कुछ समय बाद बकरी भात का आयोजन होता है। ‘मिज्जू’ लगाने के दौरान सामर्थ्यवान मित्र की ओर से दूसरे मित्र को उपहार में पशुधन दिए जाते हैं। इतिहासकार देवेंद्र ओली के अनुसार पूर्व में पशुधन आर्थिकी का सबसे प्रमुख साधन होता था और तब से यह परंपरा चली आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं के बीच में लगाई जाती है ‘संगज्यू’
कुमाऊं क्षेत्र में पुरुषों की तरह ही महिलाओं के बीच में भी मित्रता होती हैं।  इसे ‘संगज्यू’ लगाना कहा जाता है। प्रेमा देवी के अनुसार आम तौर पर विवाह से पूर्व दो अलग-अलग जातियों की बालिकाओं के बीच ‘संगज्यू’ लगाई जाती है। विवाह के बाद ‘संगज्यू’ के दो परिवार के बीच भी मित्रता का संबंध कायम हो जाता है।



तनाव भगाती है दोस्ती
ये माना जाता है कि एक अच्छा दोस्त आपको तनाव से उबारने में मदद करता है। आज के दौर में दोस्ती के मायने बदल गए हैं। अब यह किसी खास मकसद को लेकर की जाती है। वर्चुअल स्पेस में सिर्फ बाहरी दिखावे से बनी दोस्ती बिना बुनियाद के मकान जितनी ही टिकाऊ होगी। युवाओं को चाहिए वह दोस्ती के असल मकसद को समझें और इस वर्चुअल दोस्ती को लेकर ज्यादा भावनात्मक न होें।
- युवराज पंत, मनोचिकित्सक, एसटीएच

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed