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धामी पर हामी या गहतोड़ी तोड़ेंगी मिथक...
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टनकपुर में वोट देने जा रही महिला वोटर का हाथ जोड़कर अभिवादन करते सीएम पुष्कर सिंह धामी। संवाद न्य
- फोटो : TANAKPUR
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चंपावत (चंद्रशेखर जोशी)। 105 दिन बाद चंपावत सीट पर लोगों ने दूसरी बार मतदान किया। वोटिंग को लेकर उत्साह भी खूब रहा। हालांकि दोपहर में आधे घंटे हुई बारिश के चलते मतदान का नया रिकॉर्ड नहीं बन सका। फरवरी की अपेक्षा करीब दो प्रतिशत वोटिंग कम हुई। वोटिंग के बाद अब यह चर्चा गरम है कि वोटर धामी पर हामी भरेंगे गहतोड़ी मिथक तोड़ेंगी।
चंपावत सीट का सत्ता के साथ जाने का मिथक रहा है। उत्तराखंड विधानसभा के 2002 में हुए पहले चुनाव से ये मिथक इस साल फरवरी के चुनाव तक अनवरत जारी है। यानी यहां से जीतने वाले दल की सरकार बनी है। राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि इस मिथक के टूटने के आसार बेहद कम हैं। माना जा रहा है कि भाजपा प्रत्याशी के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी से चंपावत सीट के सत्ता की धुरी बनने से कई लोगों ने पार्टी लाइन को भी अनदेखी किया है। कमजोर संगठन के कारण 151 बूथों में से 90 प्रतिशत से अधिक बूथों में कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी के बस्ते तक नहीं लग पाए।
वोटिंग का जुनून: महिला संगीत से पहले पुष्पा ने परिवार संग किया मतदान
चंपावत। पहली जून को पुष्पा महर का ब्याह है और मंगलवार को मतदान के दिन महिला संगीत हुआ। पूरे परिवार ने महिला संगीत से पहले मतदान किया। परिवार ने कहा कि व्यस्तता के बावजूद वोट देकर उन्होंने लोकतांत्रिक जिम्मेदारी और कर्तव्य निभाया। स्वर्गीय त्रिलोक सिंह महर की बेटी पुष्पा की एक जून को शादी होगी। विवाह की रस्म से पूर्व मंगलवार को महिला संगीत हुआ। इससे पहले पुष्पा की मां मुन्नी देवी, भाई दिवाकर, रमेश महर और भाभी चंचला ने मुुड़ियानी में लाइन में लगकर वोट डाला।
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चंपावत सीट का सत्ता के साथ जाने का मिथक रहा है। उत्तराखंड विधानसभा के 2002 में हुए पहले चुनाव से ये मिथक इस साल फरवरी के चुनाव तक अनवरत जारी है। यानी यहां से जीतने वाले दल की सरकार बनी है। राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि इस मिथक के टूटने के आसार बेहद कम हैं। माना जा रहा है कि भाजपा प्रत्याशी के रूप में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी से चंपावत सीट के सत्ता की धुरी बनने से कई लोगों ने पार्टी लाइन को भी अनदेखी किया है। कमजोर संगठन के कारण 151 बूथों में से 90 प्रतिशत से अधिक बूथों में कांग्रेस प्रत्याशी निर्मला गहतोड़ी के बस्ते तक नहीं लग पाए।
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वोटिंग का जुनून: महिला संगीत से पहले पुष्पा ने परिवार संग किया मतदान
चंपावत। पहली जून को पुष्पा महर का ब्याह है और मंगलवार को मतदान के दिन महिला संगीत हुआ। पूरे परिवार ने महिला संगीत से पहले मतदान किया। परिवार ने कहा कि व्यस्तता के बावजूद वोट देकर उन्होंने लोकतांत्रिक जिम्मेदारी और कर्तव्य निभाया। स्वर्गीय त्रिलोक सिंह महर की बेटी पुष्पा की एक जून को शादी होगी। विवाह की रस्म से पूर्व मंगलवार को महिला संगीत हुआ। इससे पहले पुष्पा की मां मुन्नी देवी, भाई दिवाकर, रमेश महर और भाभी चंचला ने मुुड़ियानी में लाइन में लगकर वोट डाला।
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