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गांवों की उपेक्षा से ग्रामीण जनप्रतिनिधि खफा

Sat, 04 Jul 2015 10:44 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो /अमर उजाला, चंपावत Updated Sat, 04 Jul 2015 10:44 PM IST
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ब्लाक सभागार में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों की बैठक में पिछले एक वर्ष से गांव में विकास का पहिया ठहरने पर सामूहिक रूप से नाराजगी जताई गई। उनका कहना था कि उन्होंने जिस उत्साह के साथ एक वर्ष पूर्व अपने पद का कार्यभार संभाला था, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से गांवों की उपेक्षा के चलते वह लोगों की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाए। ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्यों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए ब्लाक प्रमुख योगेश मेहता ने स्वीकार किया कि अभी तक जनप्रतिनिधि बजट के अभाव में ऐसा कोई कार्य नहीं कर पाए हैं, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। तय किया गया कि प्रत्येक गांव में बीएडीपी केे कार्य हों, जलागम फेज टू शीघ्र लागू की जाए, प्रत्येक गांव में जिला योजना से योजना प्रस्तावित करने के साथ उन्हें 10 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाए।

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ब्लाक ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष एलएम जोशी, ब्लाक अध्यक्ष चांद सिंह बोहरा भय्यू, भैरव राय, आनंद राय, शिवराज सिंह, दीपक करायत, भुवन सुतेड़ी, विनोद ढेक,  हीरा बल्लभ जोशी आदि ने सुझाव दिए। छह जुलाई को सभी जनप्रतिनिधि डीएम के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार को इस संबंध में ज्ञापन प्रेषित करेंगे।

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