लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के रैगांव और कामाज्यूला के ग्रामीण गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। पेयजल संकट से त्रस्त ग्रामीणों ने खाली बर्तनों के साथ जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पेयजल समस्या सुलझाने के लिए आंदोलन की चेतावनी दी।
रैगांव और कामाज्यूला के भ्रमण के दौरान गांव पहुंचे राज्य आंदोलनकारी हिमेश कलखुड़िया को ग्रामीणों ने पेयजल समस्या बताई। रैगांव में ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल वितरण व्यवस्था सही न होने के कारण निचले हिस्से के लोगों को पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतें हो रहीं हैं। लोगों ने सड़क किनारे एक मोडेक्स हैंडपंप लगाने की मांग की है। कामाज्यूला के लोगों का कहना था कि करीब एक साल से बदहाल पेयजल लाइन से गांव के लिए पानी की आपूर्ति की जाती थी, लेकिन पिछले माह भारी बारिश से पेयजल लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे गांव में अब गंभीर पेयजल संकट हो गया है। ग्रामीण हैंडपंपों या पेयजल लाइन से आने वाले थोड़े थोड़े पानी को एकत्र करने को मजबूर हैं। हैंडपंप में कई घंटों तक लाइन लगाकर पानी भर रहे हैं। इसके बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। रैगांव में जगदीश सिंह, हरीश सिंह, कल्याण सिंह, प्रकाश सिंह आदि लोगों ने खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया। वहीं जल संस्थान के एई पवन बिष्ट का कहना है कि रैगांव में वितरण व्यवस्था सुधारने के साथ कामाज्यूला की क्षतिग्रस्त पेयजल योजना को जल्द सुधार दिया जाएगा।