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शौचालयों की आवश्यकता वाले गांवों के प्रस्ताव तत्काल भेजे
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चंपावत में पेयजल मंत्री विशन सिंह चुफाल के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग करते ग्राम प्रधान।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ग्राम प्रधानों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही विभागीय अधिकारियों की ओर से लोगों को पेयजल की शुद्धता की जांच करने संबंधी किट बांटे जाएंगे। इससे कोई भी जल की शुद्धता की जांच स्वयं कर सकता है।
ग्राम प्रधानों ने बताया कि कोरोना काल में प्रवासियों के लौटने और कुछ स्थानों में संगठित परिवारों के अलग होने के कारण शौचालयों की कमी हो रही है। इस पर चुफाल ने शौचालयों की आवश्यकता वाले गांवों के प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र भेजने के लिए कहा। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कहा कि सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए योजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इस अवसर पर डीडीओ संतोष कुमार पंत, सहायक पंचायत राज अधिकारी रचना, ग्राम प्रधान दुधोरी दीवान सिंह, सुयालखर्क मनोज सिंह तड़ागी, मौराड़ी हरीश चंद्र जोशी, सिप्टी जगत सिंह, बाजरीकोट विमला कार्की, चौड़ीराय जितेंद्र राम, भुमलाई भास्कर राम, बारसी नेहा जोशी आदि रहे।
स्वामित्व योजना से संबंधित सर्वे और चिह्नीकरण में तेजी लाएं
चंपावत। राजस्व सचिव ओमप्रकाश ने डीएम विनीत तोमर को स्वामित्व योजना से संबंधित सर्वे और चिह्नीकरण की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से स्वामित्व योजना की समीक्षा कर भूमि चिह्नीकरण के लिए वास्तविक आंकड़े तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवासीय भूमि और कृषि भूमि का चिह्नीकरण अलग करने के लिए कहा। चंपावत जिले की समीक्षा के दौरान डीएम ने बताया कि जिले में 115 ग्रामों का चूना मार्किंग और 109 गांवों का ड्रोन से हवाई सर्वेक्षण भी कर लिया गया है। बरसात की वजह से सर्वेक्षण में समस्या आई, लेकिन अब कार्य में तेजी से काम किया जाएगा। इसके लिए जिले में दो टीमें कार्यरत हैं। एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने कहा कि टीमों कि संख्या बढ़ाने पर विचार किया जाएगा, ताकि स्वामित्व योजना के तहत चिह्नीकरण कार्य में तेजी लाई जा सके।
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वन भूमि पर मालिकाना हक दिलाने की जरूरत
टनकपुर (चंपावत)। वन भूमि पर बसे लोगों को भूमि का मालिकाना हक दिलानेे की कवायद तेजी से चल रही है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया की अध्यक्षता में शनिवार को उप खंड स्तर की कमेटी ने चंदनी ग्राम पंचायत के हेलागोठ के ग्रामीणों के साथ बैठक की। इसमें वन भूमि पर किए गए दावों और दस्तावेजों को लेकर विचार-विमर्श हुआ। एसडीएम ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत वन भूमि पर काबिज लोगों को भूमि पर मालिकाना हक दिलानेे की कार्यवाही चल रही है। उन्होंने बताया कि बनबसा के चंदनी ग्राम पंचायत के वन ग्राम हेलागोठ के 18 परिवारों ने वन भूमि पर मालिकाना हक के प्रस्ताव दिए हैं, जिन पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 15 दिन बाद एक और बैठक होगी, जिसमें कोई फैसला लेकर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। बैठक मेें कमेटी में शामिल शारदा रेंज के एसडीओ आरके मौर्य, डीएम से नामित तीन बीडीसी सदस्य और स्वयंसेवी संस्था के एक प्रतिनिधि मौजूद थे।
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ग्राम प्रधानों ने बताया कि कोरोना काल में प्रवासियों के लौटने और कुछ स्थानों में संगठित परिवारों के अलग होने के कारण शौचालयों की कमी हो रही है। इस पर चुफाल ने शौचालयों की आवश्यकता वाले गांवों के प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र भेजने के लिए कहा। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कहा कि सभी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए योजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इस अवसर पर डीडीओ संतोष कुमार पंत, सहायक पंचायत राज अधिकारी रचना, ग्राम प्रधान दुधोरी दीवान सिंह, सुयालखर्क मनोज सिंह तड़ागी, मौराड़ी हरीश चंद्र जोशी, सिप्टी जगत सिंह, बाजरीकोट विमला कार्की, चौड़ीराय जितेंद्र राम, भुमलाई भास्कर राम, बारसी नेहा जोशी आदि रहे।
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स्वामित्व योजना से संबंधित सर्वे और चिह्नीकरण में तेजी लाएं
चंपावत। राजस्व सचिव ओमप्रकाश ने डीएम विनीत तोमर को स्वामित्व योजना से संबंधित सर्वे और चिह्नीकरण की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से स्वामित्व योजना की समीक्षा कर भूमि चिह्नीकरण के लिए वास्तविक आंकड़े तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवासीय भूमि और कृषि भूमि का चिह्नीकरण अलग करने के लिए कहा। चंपावत जिले की समीक्षा के दौरान डीएम ने बताया कि जिले में 115 ग्रामों का चूना मार्किंग और 109 गांवों का ड्रोन से हवाई सर्वेक्षण भी कर लिया गया है। बरसात की वजह से सर्वेक्षण में समस्या आई, लेकिन अब कार्य में तेजी से काम किया जाएगा। इसके लिए जिले में दो टीमें कार्यरत हैं। एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने कहा कि टीमों कि संख्या बढ़ाने पर विचार किया जाएगा, ताकि स्वामित्व योजना के तहत चिह्नीकरण कार्य में तेजी लाई जा सके।
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वन भूमि पर मालिकाना हक दिलाने की जरूरत
टनकपुर (चंपावत)। वन भूमि पर बसे लोगों को भूमि का मालिकाना हक दिलानेे की कवायद तेजी से चल रही है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया की अध्यक्षता में शनिवार को उप खंड स्तर की कमेटी ने चंदनी ग्राम पंचायत के हेलागोठ के ग्रामीणों के साथ बैठक की। इसमें वन भूमि पर किए गए दावों और दस्तावेजों को लेकर विचार-विमर्श हुआ। एसडीएम ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत वन भूमि पर काबिज लोगों को भूमि पर मालिकाना हक दिलानेे की कार्यवाही चल रही है। उन्होंने बताया कि बनबसा के चंदनी ग्राम पंचायत के वन ग्राम हेलागोठ के 18 परिवारों ने वन भूमि पर मालिकाना हक के प्रस्ताव दिए हैं, जिन पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 15 दिन बाद एक और बैठक होगी, जिसमें कोई फैसला लेकर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। बैठक मेें कमेटी में शामिल शारदा रेंज के एसडीओ आरके मौर्य, डीएम से नामित तीन बीडीसी सदस्य और स्वयंसेवी संस्था के एक प्रतिनिधि मौजूद थे।