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Champawat News: बिना रस्सी के दुर्गम रास्तों को पार कर वायुरथ ने की परिक्रमा
Thu, 31 Aug 2023 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 31 Aug 2023 11:24 PM IST
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सुंई बिशुंग के आषाढ़ी महोत्सव के समापन पर माँ भगवती के वायुरथ को ले जाते श्रद्धालु। संवाद
लोहाघाट(चंपावत)। सुंई बिशुंग के आषाढ़ी वायुरथ महोत्सव के अंतिम दिन मां भगवती की वायुरथ यात्रा निकली। जिसमें हजारों लोगों ने भाग लेकर मां का आशीर्वाद लिया। बृहस्पतिवार को चारद्योली के समस्त आयुधों को देवडांगरों की ओर से आदित्य महादेव मंदिर में लाया गया। हवन यज्ञ के बाद दूध व पवित्र जल से स्नान कराकर देव डांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
मंदिर में पारंपरिक पूजा संपन्न होने के बाद सभी देवडांगरों को अंगवस्त्र भेंट किए गए। उसके बाद यहां मां भगवती की गुप्त प्यौली को यहां के आदित्य महादेव मंदिर प्रांगण में परिक्रमा कराई गई। मां भगवती के रथ ने अपने 52 बेतालों और 64 योगनियों के साथ बिना रस्सों के सहारे वायुरथ यात्रा प्रारंभ की। वायुरथ को मंदिर से गलचौड़ा, पऊ, चनकांडे, डुंगरी से होते हुए द्यौलागढ़ में लाया गया। जहां देवडांगरों ने चावल और दूध की गाल खाई गई। उसके बाद खैसकांडे होते हुए उख्खा कोट की दुर्गम पहाड़ी को पार करते हुए बीस गांव बिशुंग की परिक्रमा के लिए निकला। बेतालों ने जगह जगह दूध और चावल की गाल खाई। जगह जगह श्रद्धालु मां भगवती की रथ यात्रा पर पुष्पवर्षा कर रहे थे।
बिशुंग टाक में कुछ देर के लिए वायु रथ रुका। जहां देव डांगरों ने स्नान किया। रथ में सुंई बिशुंग के लोगों ने अपने निर्धारित स्थानों से कंधा दिया। उसके बाद रथ देर रात सुंई के आदित्य महादेव मंदिर पहुंचा, जहां मां भगवती और आदित्य महादेव की संयुक्त पूजा अर्चना व आरती की गई। आरती करने के बाद प्यौला अपने गंतव्य स्थान मां भगवती मंदिर चौबेगांव की ओर ले जाया गया। समिति के अध्यक्ष श्याम चौबे, मुख्य संरक्षक सचिन जोशी, ग्राम प्रधान भुवन चौबे, सुनील चौबे, हेम जोशी आदि ने सभी का स्वागत किया।
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मंदिर में पारंपरिक पूजा संपन्न होने के बाद सभी देवडांगरों को अंगवस्त्र भेंट किए गए। उसके बाद यहां मां भगवती की गुप्त प्यौली को यहां के आदित्य महादेव मंदिर प्रांगण में परिक्रमा कराई गई। मां भगवती के रथ ने अपने 52 बेतालों और 64 योगनियों के साथ बिना रस्सों के सहारे वायुरथ यात्रा प्रारंभ की। वायुरथ को मंदिर से गलचौड़ा, पऊ, चनकांडे, डुंगरी से होते हुए द्यौलागढ़ में लाया गया। जहां देवडांगरों ने चावल और दूध की गाल खाई गई। उसके बाद खैसकांडे होते हुए उख्खा कोट की दुर्गम पहाड़ी को पार करते हुए बीस गांव बिशुंग की परिक्रमा के लिए निकला। बेतालों ने जगह जगह दूध और चावल की गाल खाई। जगह जगह श्रद्धालु मां भगवती की रथ यात्रा पर पुष्पवर्षा कर रहे थे।
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बिशुंग टाक में कुछ देर के लिए वायु रथ रुका। जहां देव डांगरों ने स्नान किया। रथ में सुंई बिशुंग के लोगों ने अपने निर्धारित स्थानों से कंधा दिया। उसके बाद रथ देर रात सुंई के आदित्य महादेव मंदिर पहुंचा, जहां मां भगवती और आदित्य महादेव की संयुक्त पूजा अर्चना व आरती की गई। आरती करने के बाद प्यौला अपने गंतव्य स्थान मां भगवती मंदिर चौबेगांव की ओर ले जाया गया। समिति के अध्यक्ष श्याम चौबे, मुख्य संरक्षक सचिन जोशी, ग्राम प्रधान भुवन चौबे, सुनील चौबे, हेम जोशी आदि ने सभी का स्वागत किया।
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