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यहां अंधेरे में लगाए जा रहे हैं गर्भवतियों और बच्चों को टीके
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ोहाघाट टीकाकरण केंद्र में टीका लगवाने आई गर्भवती महिलाएं व बच्चे।
- फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। उप जिला अस्पताल का प्रसवोत्तर (पीपीसी) केंद्र बदहाली की मार झेल रहा है। केंद्र में पिछले करीब 21 से बिजली गुल है। इससे गर्भवती महिलाओं और नवजात से लेकर छोटे बच्चों को अंधेरे में ही टीके लगाए जा रहे हैं। टीकाकरण कक्ष की हालत काफी बुरी बनी हुई है।
इस कक्ष की जर्जर छत से गिरने वाली रेत से कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। केंद्र में पर्यावरण मित्र न होने से आशाओं को ही झाड़ू आदि कार्य करने को मजबूर होना पड़ रहा है। एएनएम मंजू कोहली, ब्लाक समन्वयक निर्मला पुनेठा ने बताया कि करीब तीन सप्ताह से टीकाकरण केंद्र में बिजली गुल है, जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को देने के बावजूद भी व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है। बिजली न होने के चलते अंधेरे में ही गर्भवती महिलाओं व छोटे बच्चों को टीके लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। टीकाकरण केंद्र की छत जर्जर बनी हुई है, टीका लगाते बच्चों बच्चों के आंखों में रेत गिरने का खतरा बना हुआ है। पर्यावरण मित्र न होने से शौचालय में गंदगी रहती है। शौचालय का पिट चोक होने से टीकाकरण के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं व स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्र परिसर के बाहर उगी हैं घनी झाड़ियां
लोहाघाट (चंपावत)। उप जिला अस्पताल का प्रसवोत्तर केंद्र क्षेत्र का सबसे बड़ा केंद्र है। जहां प्रत्येक बुधवार को गर्भवती महिलाओं, नवजात व छोटे बच्चों को टीके लगाए जाते हैं। एएनएम मंजू कोहली बताती हैं कि प्रत्येक बुधवार को नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से 120 से अधिक गर्भवती महिलाएं और बच्चे टीकाकरण के लिए आते हैं। केंद्र परिसर के बाहर घनी झाड़ियां उगी हुई हैं, जहां सांप आदि का खतरा बना रहता है। (संवाद)
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कोट
उप जिला अस्पताल कि टीकाकरण केंद्र में खराब हुई विद्युत व्यवस्था को जल्द ठीक करा दिया जाएगा। पर्यावरण मित्र की तैनाती के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
डॉ.जुनैद कमर, चिकित्साधीक्षक, लोहाघाट।
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इस कक्ष की जर्जर छत से गिरने वाली रेत से कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। केंद्र में पर्यावरण मित्र न होने से आशाओं को ही झाड़ू आदि कार्य करने को मजबूर होना पड़ रहा है। एएनएम मंजू कोहली, ब्लाक समन्वयक निर्मला पुनेठा ने बताया कि करीब तीन सप्ताह से टीकाकरण केंद्र में बिजली गुल है, जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को देने के बावजूद भी व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है। बिजली न होने के चलते अंधेरे में ही गर्भवती महिलाओं व छोटे बच्चों को टीके लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। टीकाकरण केंद्र की छत जर्जर बनी हुई है, टीका लगाते बच्चों बच्चों के आंखों में रेत गिरने का खतरा बना हुआ है। पर्यावरण मित्र न होने से शौचालय में गंदगी रहती है। शौचालय का पिट चोक होने से टीकाकरण के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं व स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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केंद्र परिसर के बाहर उगी हैं घनी झाड़ियां
लोहाघाट (चंपावत)। उप जिला अस्पताल का प्रसवोत्तर केंद्र क्षेत्र का सबसे बड़ा केंद्र है। जहां प्रत्येक बुधवार को गर्भवती महिलाओं, नवजात व छोटे बच्चों को टीके लगाए जाते हैं। एएनएम मंजू कोहली बताती हैं कि प्रत्येक बुधवार को नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से 120 से अधिक गर्भवती महिलाएं और बच्चे टीकाकरण के लिए आते हैं। केंद्र परिसर के बाहर घनी झाड़ियां उगी हुई हैं, जहां सांप आदि का खतरा बना रहता है। (संवाद)
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उप जिला अस्पताल कि टीकाकरण केंद्र में खराब हुई विद्युत व्यवस्था को जल्द ठीक करा दिया जाएगा। पर्यावरण मित्र की तैनाती के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
डॉ.जुनैद कमर, चिकित्साधीक्षक, लोहाघाट।