EXAMS: कड़ी निगरानी के बीच संपन्न हुई हिंदी की परीक्षा, बच्चे बोले- पेपर आसान था, बस ठंड के कारण लिख नहीं पाए
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा शुरू हो गए है। चंपावत में मंगलवार को 37 केंद्रों में शांतिपूर्ण ढंग से बोर्ड परीक्षा संपन्न हो गई। भारी ठंड के बीच पहले दिन इंटर हिंदी परीक्षा की परीक्षा 2348 परीक्षार्थियों ने दी। 21 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
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उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा शुरू हो गए है। चंपावत में मंगलवार को 37 केंद्रों में शांतिपूर्ण ढंग से बोर्ड परीक्षा संपन्न हो गई। भारी ठंड के बीच पहले दिन इंटर हिंदी परीक्षा की परीक्षा 2348 परीक्षार्थियों ने दी। 21 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। मंगलवार को बारिश के बीच इंटर बोर्ड की परीक्षा शुरू हुई। परीक्षा के लिए 2369 परीक्षार्थियों पंजीकृत थे। इसमें से 2348 ने परीक्षा दी। इसमें 1138 छात्र और 1210 छात्राएं शामिल रहीं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पूर्व सभी परीक्षार्थियों की गहन जांच की गई। इसके बाद उन्हें प्रवेश करने दिया गया।
सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सचल दलों ने जगह-जगह जाकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कहीं भी नकल करते हुए कोई नहीं पकड़ा गया।
पेपर तो आसान था, लेकिन ठंड के कारण लिख नहीं पाए
बोर्ड परीक्षा के पहले दिन परीक्षार्थियों में हिंदी पेपर को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया, लेकिन ठंड ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। पहले ही दिन परीक्षा में ठंड अधिक होने से छात्र-छात्राओं के पेपर देने में मुश्किल आई। परीक्षार्थियों का कहना था कि परीक्षा केंद्र के कक्षों में इतना ठंडा था कि हाथों से बामुश्किल लिख पाए। अगर परीक्षा कक्ष में हिटर की व्यवस्था होती तो बड़ी राहत मिलती।
इंटर हिंदी का परीक्षा पेपर काफी आसान आया था। पेपर मिलने से पहले काफी घबराहट थी, लेकिन पेपर हाथ में आने के बाद बड़ा अच्छा लगा। ठंड के कारण सभी प्रश्न हल करना बड़ा मुश्किल हो रहा था।
-विकास मुरारी, छात्र।
हिंदी प्रश्नपत्र को लेकर तैयारियां तो पूरी थी। 90 फीसदी अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन सुबह से ठंड के कारण काफी मुश्किल हुई। कक्ष में उत्तर हल कर पाना आसान नहीं था।
-सुमित सेठी, छात्र।
हिंदी का प्रश्न पत्र तो बेहद आसान आया था। ठंड से बचाव के लिए अगर कक्षा में हीटर लगा होता तो निश्चित तौर पर उत्तर देने का मजा और भी दोगुना हो जाता।
-रोहित जोशी, छात्र।
ठंड ने हिंदी परीक्षा को लेकर सारा जोश ठंडा कर दिया। पढ़ाई तो अच्छे से की थी, लेकिन परीक्षा कक्ष में ठंड ने काफी परेशान किया। कपकपी के कारण उत्तर देने में काफी समय लग गया।
-किशोर थ्वाल, छात्र।