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रोंतली में आग से दो घर जले
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चंपावत। जिले के विभिन्न जगहों में वनाग्नि का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक वनों में आग लगने की 60 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। जिनमें 52 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है।
मंगलवार रात जिले के लधियाघाटी क्षेत्र के साल ग्राम पंचायत के रोंतली तोक में वनाग्नि से उजाला देवी पत्नी त्रिलोक सिंह, कुंवर सिंह पुत्र दान सिंह के अलावा नीलावती देवी पत्नी हीरा सिंह के पैतृक घर जल गए। गनीमत ये रही कि इन घरों में कोई नहीं रहता, जिससे जनहानि नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार सिविल भूमि में उगी कुरी आदि की झाड़ियों में अज्ञात व्यक्ति की ओर से आग लगाने से यह घटना हुई है। सूचना पर राजस्व उप निरीक्षक चंद्रशेखर पंत और वन आरक्षी भुवन भट्ट ने मौका मुआयना किया है।
सौड़लेख में आग लगाते हुए एक व्यक्ति धरा
पिथौरागढ़। वन विभाग की टीम ने सौड़लेख में एक व्यक्ति को जंगल में आग लगाते पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि पकड़ा गए व्यक्ति ने नशे में कई जगहों पर आग लगाई थी। बेड़ीनाग में वन विभाग की टीम ने जंगल में घूम रही लावारिस गायों को आग की चपेट में आने से बचा लिया।
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एसडीओ नवीन चंद्र पंत ने बताया कि मंगलवार को सौड़लेख के जंगलों में आग लगने पर वन विभाग की टीम आग बुझा रही थी। इसी दौरान टीम ने देव राम को आग जलाते हुए पकड़ा। उसने चार जगह आग लगाई थीं। बताया कि वह नशे में था। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को जिले में दस से अधिक जगहों पर आग लगने की सूचना मिली। फायर वाचरों को भेजकर आग बुझाने के प्रयास किए गए। अभी तक आग की 150 से अधिक आग की घटनाओं में 400 हेक्टेयर जंगल जल चुका है।
एसडीओ ने बताया कि मंगलवार को वन पंचायत कांडे में आग की सूचना पर वन क्षेत्र बेड़ीनाग की टीम घटना स्थल तक पहुंची। वहां लावारिस छोड़ी गई दो गायें दिखाई दीं। दोनों अस्वस्थ और चल नहीं पा रही थीं। विभागीय टीम ने गायों के 15 मीटर के दायरे में पिरूल और सूखी घास साफ कर आग को रोक दिया। वन बीट अधिकारी ज्योति वर्मा ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने दुपट्टे से गायों को बांधा। ताकि वह आग की लपटों के डर से इधर उधर न भागें। इसके बाद टीम ने जंगल की आग पर भी काबू पा लिया। बचाव टीम में शुभम पाठक, मनोहर दत्त, फायर वॉचर पवन कुमार मौजूद रहे।
जगबूड़ा जंगल में फिर लगी आग
बनबसा (चंपावत)। सावधानी बरतने के बाद भी जंगलों में आग लगने की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। मंगलवार की देर शाम फिर से जगबूड़ा पुल के पास जंगल में आग लग गई। टनकपुर अग्निशमन विभाग व वन विभाग ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।
अग्निशमन विभाग, वन विभाग व प्रशासन लोगों को जंगलों में जलती हुई वस्तुओं (धूम्रपान) को नहीं फेंकने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन मानवीय त्रुटियों के चलते आग लगने की घटनाऐं बढ़ रही हैं।
इन दिनों पतझड़ के कारण जंगलों में सूखे पत्ते बिखरे पड़े हैं। जलती बीड़ी, सिगरेट आदि फेंक देने से सूखे पत्ते आसानी से आग पकड़ जंगलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
मंगलवार की शाम बनबसा जगबूड़ा पुल के पास के जंगल में अचानक आग लग गई। जो ग्रामीण आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी। सूचना पर टनकपुर अग्निशमन दल के श्याम बहादुर थापा, कश्मीर सिंह, श्याम सिंह, जसवंत सिंह राणा, चरण सिंह, नरेश कुमार, इंद्रपाल के अलावा वन विभाग के वन दरोगा भुवन चंद्र कांडपाल, फारेस्टर दीपक कुमार, वाचर गोपाल राम, पूरन राम आदि ने मुश्किल से आग पर काबू पाया। बताया गया कि जंगल में दमकल जाने को मार्ग नही मिलने से आग बुझाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बहरहाल जंगल में झाड़ियां जलने के अलावा कोई नुकसान नहीं हुआ।
चौमेल बैंड में बीआईटीएम के पास जंगल में लगी भीषण आग
लोहाघाट (चंपावत)। बुधवार देर शाम को चौमेल बैंड में बीआईटीएम के पास जंगल में भीषण आग लगने से करीब डेढ़ हेक्टेयर से अधिक वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। सूचना पर फायर ब्रिगेड से सुनील जोशी के नेतृत्व में फायर कर्मी राजेंद्र जोशी, प्रमोद कुमार, पंकज मौके में पहुंचे। फायर कर्मियों ने सड़क से ऊपर काफी दूर तक लगी हुई आग पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया। जंगल में आपात वाहन के जाने की कोई सुविधा न होने और वन कर्मियों के पहुंचने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम लौट आई। वहीं रेंजर दीप जोशी के नेतृत्व में वन कर्मी आग बुझाने में जुटे रहे।
स्ट्रांगफार्म के पीछे जंगल में लगी आग
बनबसा (चंपावत)। बुधवार देर शाम बमनपुरी स्थित स्ट्रांगफार्म के पश्चिमी छोर के जंगल में आग लग गई। ग्रामीणों की मदद से घंटों बाद आग पर काबू पा लिया गया। फार्म के उपनिदेशक क्लिफ्टन शिप्वे ने बताया कि आग फार्म के गेहूं के खेतों की ओर बढ़ने लगी थी। फार्म के सचिव युजिन जार्ज के अलावा वन विभाग के लोग पहुंच गए थे, जिन्होंने आग बुझाने में मदद की। वन दरोगा भुवन चंद्र कांडपाल ने बताया कि जंगल में सूखी झाड़ियां धूधू कर जलने से जंगल को खतरा पैदा हो गया था। लेकिन फार्म के पानी टैंकर व ग्रामीणों की मदद से आग बुझा दी गई।
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मंगलवार रात जिले के लधियाघाटी क्षेत्र के साल ग्राम पंचायत के रोंतली तोक में वनाग्नि से उजाला देवी पत्नी त्रिलोक सिंह, कुंवर सिंह पुत्र दान सिंह के अलावा नीलावती देवी पत्नी हीरा सिंह के पैतृक घर जल गए। गनीमत ये रही कि इन घरों में कोई नहीं रहता, जिससे जनहानि नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार सिविल भूमि में उगी कुरी आदि की झाड़ियों में अज्ञात व्यक्ति की ओर से आग लगाने से यह घटना हुई है। सूचना पर राजस्व उप निरीक्षक चंद्रशेखर पंत और वन आरक्षी भुवन भट्ट ने मौका मुआयना किया है।
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सौड़लेख में आग लगाते हुए एक व्यक्ति धरा
पिथौरागढ़। वन विभाग की टीम ने सौड़लेख में एक व्यक्ति को जंगल में आग लगाते पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि पकड़ा गए व्यक्ति ने नशे में कई जगहों पर आग लगाई थी। बेड़ीनाग में वन विभाग की टीम ने जंगल में घूम रही लावारिस गायों को आग की चपेट में आने से बचा लिया।
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एसडीओ नवीन चंद्र पंत ने बताया कि मंगलवार को सौड़लेख के जंगलों में आग लगने पर वन विभाग की टीम आग बुझा रही थी। इसी दौरान टीम ने देव राम को आग जलाते हुए पकड़ा। उसने चार जगह आग लगाई थीं। बताया कि वह नशे में था। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को जिले में दस से अधिक जगहों पर आग लगने की सूचना मिली। फायर वाचरों को भेजकर आग बुझाने के प्रयास किए गए। अभी तक आग की 150 से अधिक आग की घटनाओं में 400 हेक्टेयर जंगल जल चुका है।
एसडीओ ने बताया कि मंगलवार को वन पंचायत कांडे में आग की सूचना पर वन क्षेत्र बेड़ीनाग की टीम घटना स्थल तक पहुंची। वहां लावारिस छोड़ी गई दो गायें दिखाई दीं। दोनों अस्वस्थ और चल नहीं पा रही थीं। विभागीय टीम ने गायों के 15 मीटर के दायरे में पिरूल और सूखी घास साफ कर आग को रोक दिया। वन बीट अधिकारी ज्योति वर्मा ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने दुपट्टे से गायों को बांधा। ताकि वह आग की लपटों के डर से इधर उधर न भागें। इसके बाद टीम ने जंगल की आग पर भी काबू पा लिया। बचाव टीम में शुभम पाठक, मनोहर दत्त, फायर वॉचर पवन कुमार मौजूद रहे।
जगबूड़ा जंगल में फिर लगी आग
बनबसा (चंपावत)। सावधानी बरतने के बाद भी जंगलों में आग लगने की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। मंगलवार की देर शाम फिर से जगबूड़ा पुल के पास जंगल में आग लग गई। टनकपुर अग्निशमन विभाग व वन विभाग ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।
अग्निशमन विभाग, वन विभाग व प्रशासन लोगों को जंगलों में जलती हुई वस्तुओं (धूम्रपान) को नहीं फेंकने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन मानवीय त्रुटियों के चलते आग लगने की घटनाऐं बढ़ रही हैं।
इन दिनों पतझड़ के कारण जंगलों में सूखे पत्ते बिखरे पड़े हैं। जलती बीड़ी, सिगरेट आदि फेंक देने से सूखे पत्ते आसानी से आग पकड़ जंगलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
मंगलवार की शाम बनबसा जगबूड़ा पुल के पास के जंगल में अचानक आग लग गई। जो ग्रामीण आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी। सूचना पर टनकपुर अग्निशमन दल के श्याम बहादुर थापा, कश्मीर सिंह, श्याम सिंह, जसवंत सिंह राणा, चरण सिंह, नरेश कुमार, इंद्रपाल के अलावा वन विभाग के वन दरोगा भुवन चंद्र कांडपाल, फारेस्टर दीपक कुमार, वाचर गोपाल राम, पूरन राम आदि ने मुश्किल से आग पर काबू पाया। बताया गया कि जंगल में दमकल जाने को मार्ग नही मिलने से आग बुझाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बहरहाल जंगल में झाड़ियां जलने के अलावा कोई नुकसान नहीं हुआ।
चौमेल बैंड में बीआईटीएम के पास जंगल में लगी भीषण आग
लोहाघाट (चंपावत)। बुधवार देर शाम को चौमेल बैंड में बीआईटीएम के पास जंगल में भीषण आग लगने से करीब डेढ़ हेक्टेयर से अधिक वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। सूचना पर फायर ब्रिगेड से सुनील जोशी के नेतृत्व में फायर कर्मी राजेंद्र जोशी, प्रमोद कुमार, पंकज मौके में पहुंचे। फायर कर्मियों ने सड़क से ऊपर काफी दूर तक लगी हुई आग पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया। जंगल में आपात वाहन के जाने की कोई सुविधा न होने और वन कर्मियों के पहुंचने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम लौट आई। वहीं रेंजर दीप जोशी के नेतृत्व में वन कर्मी आग बुझाने में जुटे रहे।
स्ट्रांगफार्म के पीछे जंगल में लगी आग
बनबसा (चंपावत)। बुधवार देर शाम बमनपुरी स्थित स्ट्रांगफार्म के पश्चिमी छोर के जंगल में आग लग गई। ग्रामीणों की मदद से घंटों बाद आग पर काबू पा लिया गया। फार्म के उपनिदेशक क्लिफ्टन शिप्वे ने बताया कि आग फार्म के गेहूं के खेतों की ओर बढ़ने लगी थी। फार्म के सचिव युजिन जार्ज के अलावा वन विभाग के लोग पहुंच गए थे, जिन्होंने आग बुझाने में मदद की। वन दरोगा भुवन चंद्र कांडपाल ने बताया कि जंगल में सूखी झाड़ियां धूधू कर जलने से जंगल को खतरा पैदा हो गया था। लेकिन फार्म के पानी टैंकर व ग्रामीणों की मदद से आग बुझा दी गई।