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पूर्णागिरि धाम की दरार का ट्रीटमेंट जल्द शुरू होने के आसार

Wed, 31 Jan 2018 10:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूूूूराे टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूूूूराे टनकपुर (चंपावत)। Updated Wed, 31 Jan 2018 10:43 PM IST
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Treatment of Purnagiri Dham crack starts soon
मां पूर्णागिरि धाम की दरक रही वह पहाड़ी जिस पर मुख्य मंदिर स्थापित है। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

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मां पूर्णागिरि धाम की दरक रही मुख्य पहाड़ी की सुरक्षा का कार्य अब जल्द शुरू होने की उम्मीद है। लोनिवि से पर्यटन और फिर लोनिवि के पास आए इस प्रोजेक्ट को अब विश्व बैंक ने अपने हाथ में लिया है। डेढ़ करोड़ से बढ़कर पंद्रह करोड़ की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) वेप्कॉस कंपनी ने तैयार कर ली है। विश्व बैंक के चीफ इंजीनियर ने मंगलवार को पहाड़ी में आई दरार का सर्वे किया। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रदेश के मुख्य सचिव के समक्ष डीपीआर प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया दो माह के अंदर ट्रीटमेंट का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पहाड़ी का ट्रीटमेंट होने से धाम में दिनों-दिन बढ़ता जा रहा खतरा दूर हो जाएगा।

मां पूर्णागिरि धाम में की मुख्य पहाड़ी में आई दरार धाम के अस्तित्व के लिए खतरा बनी हुई है। वर्ष 2000 में पहाड़ी में दरार का पता चलने पर प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुरक्षात्मक उपाय उठाने शुरू किए। पहाड़ी पर दबाव कम करने को जहां मुख्य मंदिर में एक साथ श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित किया गया, वहीं मुख्य मंदिर क्षेत्र से भारी वजन की घंटियां एवं अन्य सामग्रियों को भी हटाया गया। पिछले सत्रह साल से इस खतरे से निपटने के लिए शासन स्तर पर लगातार कवायद चल रही है। शुरू में पहाड़ी के ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी लोनिवि को सौंपकर डेढ़ करोड़ का बजट आवंटित किया गया था। सर्वे के बाद लोनिवि के हाथ खड़े किए तो यह जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपी गई, लेकिन पर्यटन विभाग के भी हाथ खड़े करने पर शासन ने फिर लोनिवि को पहाड़ी के ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी सौंपी है। इस बीच लोनिवि एवं पर्यटन विभाग भूगर्भ-विशेषज्ञों से कई बार सर्वे करा चुका है।
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सालों से चल रही पहाड़ी के ट्रीटमेंट की कवायद का यह मामला मौजूदा विधायक कैलाश गहतोड़ी द्वारा विधानसभा में उठाया गया तो शासन की पहल पर लोनिवि के माध्यम से विश्व बैंक ने ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली है। विश्व बैंक ने वेप्कॉस कंपनी के माध्यम से डीपीआर तैयार की है। पहाड़ी की सुरक्षा के लिए पंद्रह करोड़ रुपये बजट की डीपीआर तैयार की गई है। मंगलवार को विश्व बैंक के मुख्य अभियंता प्रदीप कुमार ने टीम के साथ पहाड़ी का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर समिति के अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय से भी वार्ता कर पहाड़ी की सुरक्षा के बारे में जानकारी ली। मुख्य अभियंता ने बताया कि पंद्रह करोड़ की डीपीआर तैयार की जा चुकी है, जिसे एक माह के अंदर प्रदेश के मुख्य सचिव के समक्ष पेश किया जाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने पर दो माह के अंदर पहाड़ी का ट्रीटमेंट शुरू हो जाएगा।
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वन भूमि हस्तांतरण की सैद्धांतिक सहमति मिली 
दरक रही पहाड़ी के ट्रीटमेंट में धाम क्षेत्र की वन भूमि का हस्तांतरण न होना भी एक बड़ा अड़ंगा बना रहा, लेकिन अब वन भूमि को कार्यदायी विभाग लोनिवि को हस्तांतरित करने की सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। जिससे पहाड़ी के ट्रीटमेंट का रास्ता भी साफ हो गया है।
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