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टूटी हड्डी का इलाज तो सरकारी अस्पताल में, पर एक्सरे निजी अस्पताल में
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:48 PM IST
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लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद एक्सरे कक्ष।
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की ये अजब तस्वीर है। जिले के सबसे अधिक वाह्य रोगी (ओपीडी) लोहाघाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हैं। यहां अस्थि रोग का इलाज तो हो रहा है, लेकिन इस अस्पताल में एक्सरे जैसी बेहद मामूली सुविधा नहीं है। एक्सरे कक्ष में ताला लटका है। एक्सरे के लिए लोगों को प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ रहा है। इसकी वजह यहां एक्सरे करने वाले एक्सरे तकनीशियन का नहीं होना है। केवल लोहाघाट ही नहीं, जिले के दो अन्य विकास खंडों के अस्पतालों के भी ऐसे ही हाल हैं।
लोहाघाट अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती के बाद से हड्डी से संबंधित इलाज हो रहा है। लेकिन यहां अस्पताल आने वाले लोगों को एक्सरे के लिए प्राइवेट अस्पताल की शरण लेनी पड़ रही है। अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.विनोद कुमार जोशी ने बताया कि एक्सरे तकनीशियन न होने से एक्सरे की असुविधा हो रही है। लोग बाहर से एक्सरे कराने को मजबूर है। लोहाघाट के अलावा पाटी और बाराकोट के अस्पतालों में भी लंबे समय से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। दोनों अस्पतालों की एक्सरे मशीन भी बेकाम की बनी है। इस वजह से हर महीने सैकड़ों लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में एक्सरे कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके चलते लोगों को न केवल परेशानी झेलनी पड़ रही है, बल्कि धन भी खर्च करना पड़ रहा है।
सिर्फ दो अस्पताल में होते हैं एक्सरे
चंपावत जिले में सात एक्सरे मशीनें हैं, लेकिन एक्सरे की सुविधा दो ही अस्पतालों में है। मात्र जिला अस्पताल चंपावत और टनकपुर के संयुक्त अस्पताल में ही इस वक्त एक्सरे हो पा रहे हैं। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंपावत, डॉट्स, बाराकोट, पाटी व लोहाघाट के अस्पतालों में एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं।
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कोट....
क्षय नियंत्रण केंद्र में तैनात डार्क रूम सहायक को लोहाघाट अस्पताल संबद्ध करने के आदेश दिए गए हैं। इससे जल्द ही लोहाघाट के अस्पताल में एक्सरे होने शुरू हो जाएंगे। अलबत्ता पाटी व बाराकोट विकासखंड के अस्पताल में तकनीशियन न होने से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। इन केंद्रों में एक्सरे तकनीशियन के पदों को भरने का आग्रह किया जाएगा।
डॉ.एमएस बोहरा (12 सीपीटी 08पी),
मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।
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लोहाघाट अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती के बाद से हड्डी से संबंधित इलाज हो रहा है। लेकिन यहां अस्पताल आने वाले लोगों को एक्सरे के लिए प्राइवेट अस्पताल की शरण लेनी पड़ रही है। अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.विनोद कुमार जोशी ने बताया कि एक्सरे तकनीशियन न होने से एक्सरे की असुविधा हो रही है। लोग बाहर से एक्सरे कराने को मजबूर है। लोहाघाट के अलावा पाटी और बाराकोट के अस्पतालों में भी लंबे समय से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। दोनों अस्पतालों की एक्सरे मशीन भी बेकाम की बनी है। इस वजह से हर महीने सैकड़ों लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में एक्सरे कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके चलते लोगों को न केवल परेशानी झेलनी पड़ रही है, बल्कि धन भी खर्च करना पड़ रहा है।
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सिर्फ दो अस्पताल में होते हैं एक्सरे
चंपावत जिले में सात एक्सरे मशीनें हैं, लेकिन एक्सरे की सुविधा दो ही अस्पतालों में है। मात्र जिला अस्पताल चंपावत और टनकपुर के संयुक्त अस्पताल में ही इस वक्त एक्सरे हो पा रहे हैं। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंपावत, डॉट्स, बाराकोट, पाटी व लोहाघाट के अस्पतालों में एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं।
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क्षय नियंत्रण केंद्र में तैनात डार्क रूम सहायक को लोहाघाट अस्पताल संबद्ध करने के आदेश दिए गए हैं। इससे जल्द ही लोहाघाट के अस्पताल में एक्सरे होने शुरू हो जाएंगे। अलबत्ता पाटी व बाराकोट विकासखंड के अस्पताल में तकनीशियन न होने से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। इन केंद्रों में एक्सरे तकनीशियन के पदों को भरने का आग्रह किया जाएगा।
डॉ.एमएस बोहरा (12 सीपीटी 08पी),
मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।