{"_id":"641c974d6feba6183b011eeb","slug":"timely-treatment-ramdei-tanakpur-news-c-8-1-hld1014-91224-2023-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: वक्त पर इलाज मिलता तो बच जाती रामदेई की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: वक्त पर इलाज मिलता तो बच जाती रामदेई की जान
Thu, 23 Mar 2023 11:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 23 Mar 2023 11:45 PM IST
विज्ञापन
उपयोग का इंतजार करता टनकपुर का ट्रॉमा सेंटर भवन, सेंटर के बाहर खड़ी है पुलिस की वैन। संवाद
- फोटो : उपयोग का इंतजार करता टनकपुर का ट्रॉमा सेंटर भवन, सेंटर के बाहर खड़ी है पुलिस की वैन। संवाद
विज्ञापन
टनकपुर (चंपावत)। इस जिले में दो-दो ट्रॉमा सेंटर (आपातकालीन चिकित्सा सुविधा केंद्र) हैं लेकिन दोनों किसी काम के नहीं। वह बस नाम के ट्रॉमा सेंटर हैं। बृहस्पतिवार को हुए हादसे में भी ये किसी काम नहीं आए। मुमकिन था कि अगर सेंटर काम कर रहा होता तो रेफर की गई रामदेई की जिंदगी बच जाती। टनकपुर अस्पताल से हायर सेंटर रेफर 30 साल की रामदेई ने रास्ते पर दम तोड़ दिया।
टनकपुर के ट्रॉमा सेंटर को टीकाकरण केंद्र बनाया गया है लेकिन इस केंद्र के एक कमरे को छोड़ सभी बंद हैं। टीकाकरण कक्ष का आधा दरवाजा खुला था लेकिन भीतर गंदगी का अंबार था। इसे छोड़ निगरानी कक्ष, प्रपत्र सत्यापन कक्ष सहित सभी कमरे बंद थे। ट्रॉमा सेंटर के संचालन के लिए न स्टाफ है और न ही उपकरण। ऐसे में हादसे या दूसरे तरह के आकस्मिक हालात में लोगों को यहां से 200 किमी दूर हल्द्वानी जाना पड़ता है। सर्जन, निश्चेतक, न्यूरोसर्जन सहित डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ नहीं है।
विज्ञापन
इसी तरह लोहाघाट ट्रॉमा सेंटर भी ओपीडी (वाह्य मरीजों) के इलाज के काम आ रहा है। वैसे 2012 में उत्तराखंड महालेखा परीक्षक ने ट्रॉमा सेंटर को धन की बर्बादी बताते हुए इनकी उपयोगिता पर सवाल उठाए थे। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक के तहत अब ट्रॉमा सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित सरकारी अस्पतालों की है। उन्हें ही उपकरण, स्टाफ और अन्य संसाधन जुटाने होंगे। टनकपुर ट्रॉमा सेंटर टीकाकरण केंद्र और लोहाघाट के सेंटर का उपयोग ओपीडी में हो रहा है।
विज्ञापन
मेरे संज्ञान में नहीं है कि ट्रॉमा सेंटर बंद है। ट्रॉमा सेंटर का संचालन आकस्मिक सेवाओं के लिए आवश्यक है। ट्रॉमा सेंटर संचालित हो इसके निर्देश दिए जाएंगे।
-रेखा आर्या, कैबिनेट मंत्री और चंपावत जिले की प्रभारी मंत्री।