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बाघ की दहशत के बीच एक साथ तीन-तीन तेंदुए दिखने से दहशत
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चंपावत। जिला मुख्यालय से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बाघ की दहशत बरकरार है। ढकना बडोला के समीपवर्ती ताराचौड़ में ग्रामीणों ने एक साथ तीन-तीन तेंदुए देखे जाने का दावा किया है। ग्रामीणों ने मानव बस्ती के आसपास पहुंचे इन तेंदुओं का वीडियो भी वन विभाग को उपलब्ध कराया गया है। इसके बाद से वन विभाग ने एक बार फिर से जंगल में कांबिग बढ़ा दी है।
बीते छह दिसंबर को ढकना बडोला के एकहथिया नौला क्षेत्र में चारा पत्ती लेने गई महिला को बाघ ने मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद वन विभाग की ओर से बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के साथ नौ स्थानों पर ट्रेप कैमरे लगाए गए। इनमें कुछ कैमरों में हमलावर बाघ की तस्वीर कैद हो गई। लेकिन उसके बाद से वन विभाग हमलावर बाघ की लोकेशन ट्रेस नहीं कर पा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी के अनुसार बाघ की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए वनकर्मियों और ग्रामीणों की ओर से हांका तक लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शनिवार को ताराचौड़ के कुछ ग्रामीणों की ओर से एक साथ तीन तेंदुओं के दिखने की सूचना दी गई। इसके बाद वन कर्मियों ने मौका मुआयना किया। विभाग की ओर से लगाए गए ट्रेप कैमरों में बाघ अथवा तेंदुए की कोई गतिविधि नजर नहीं आई।
बडोली-स्वांला क्षेत्र में मवेशीखोर तेंदुए का आतंक
चंपावत। जिले के बडोली-स्वांला क्षेत्र में मवेशीखोर तेंदुए का आतंक बना हुआ है। अब तक यह तेंदुए क्षेत्र के कई पालतू मवेशियों को मौत के घाट उतार चुका है। ताजा वारदात में तेंदुए ने ग्रामीण शंकर दत्त के बैल को उस समय मौत के घाट उतार दिया, जब वह अन्य मवेशियों के साथ गांव के समीप ही घास चर रहा था। उधर, मौराड़ी क्षेत्र में भी मवेशीखोर तेंदुए की दशहत बनी हुई है।
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बीते छह दिसंबर को ढकना बडोला के एकहथिया नौला क्षेत्र में चारा पत्ती लेने गई महिला को बाघ ने मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद वन विभाग की ओर से बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के साथ नौ स्थानों पर ट्रेप कैमरे लगाए गए। इनमें कुछ कैमरों में हमलावर बाघ की तस्वीर कैद हो गई। लेकिन उसके बाद से वन विभाग हमलावर बाघ की लोकेशन ट्रेस नहीं कर पा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी के अनुसार बाघ की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए वनकर्मियों और ग्रामीणों की ओर से हांका तक लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शनिवार को ताराचौड़ के कुछ ग्रामीणों की ओर से एक साथ तीन तेंदुओं के दिखने की सूचना दी गई। इसके बाद वन कर्मियों ने मौका मुआयना किया। विभाग की ओर से लगाए गए ट्रेप कैमरों में बाघ अथवा तेंदुए की कोई गतिविधि नजर नहीं आई।
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बडोली-स्वांला क्षेत्र में मवेशीखोर तेंदुए का आतंक
चंपावत। जिले के बडोली-स्वांला क्षेत्र में मवेशीखोर तेंदुए का आतंक बना हुआ है। अब तक यह तेंदुए क्षेत्र के कई पालतू मवेशियों को मौत के घाट उतार चुका है। ताजा वारदात में तेंदुए ने ग्रामीण शंकर दत्त के बैल को उस समय मौत के घाट उतार दिया, जब वह अन्य मवेशियों के साथ गांव के समीप ही घास चर रहा था। उधर, मौराड़ी क्षेत्र में भी मवेशीखोर तेंदुए की दशहत बनी हुई है।
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