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रोडवेज ने चलाई तीन अतिरिक्त बसें
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Fri, 20 Oct 2017 10:19 PM IST
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मैदानी क्षेत्रों के लिए जाने को तैयार खड़ी लोहाघाट बस स्टेशन में बसें।
- फोटो : अमर उजाला
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दिवाली पर्व के मद्देनजर परिवहन निगम ने यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली रूट पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया है। वहीं भैय्या दूज के बाद देहरादून, बरेली आदि मार्गों पर भी यात्रियों की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा।
रोडवेज के यातायात अधीक्षक रमेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि पिछले तीन दिनों से दिल्ली के लिए दो से तीन अतिरिक्त बसों का संचालन किया जा रहा है। लोहाघाट से मैदानी क्षेत्रों के लिए प्रतिदिन 15 बसों का संचालन होता है। सामान्य तौर पर रोजाना दिल्ली के लिए पांच, देहरादून के लिए वाया टनकपुर तीन, देहरादून के लिए वाया देवीधुरा एक, बरेली के लिए दो, ऋषिकेश, हल्द्वानी, काशीपुर, नैनीताल के लिए एक-एक बसों का संचालन किया जाता है। भैय्या दूज के बाद मैदानी क्षेत्रों के लिए जाने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कतें न हों, इसके लिए अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। यातायात अधीक्षक ने बताया कि दिल्ली, देहरादून, बरेली आदि लंबे रूटों में अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।
बंद हुई रीठा साहिब बस सेवा, परेशान हुए लोग
रीठा साहिब/चंपावत। लधिया घाटी के लिए परिवहन निगम की बस सेवा फिर से बंद हो गई है। बस सेवा बंद होने से परेशान लोग कई बार इसे संचालित करने की मांग उठाते रहे हैं, लेकिन सेवा शुरू नहीं हो सकी है। अब इलाके के लोगों ने बस सेवा जल्द संचालित नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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लधिया घाटी में भिंगराड़ा व बिरगुल के अलावा गुरुद्वारा के लिए प्रसिद्ध रीठा साहिब आदि महत्वपूर्ण इलाके हैं। लोगों के भारी दबाव में मई में रोडवेज ने रीठा साहिब-पोंटा साहिब और रीठा साहिब-दिल्ली दो बस सेवाएं संचालित की। लेकिन जून के शुरू में हुए जोड़ मेले के बाद से यह सेवाएं बंद हो गई। लोगों का कहना है कि रोडवेज की सेवा नहीं होने से यहां के ग्रामीणों को किसी भी जगह जाने के लिए टैक्सियों का सहारा लेना पड़ता है। मगर इन टैक्सियों में अमूमन ओवरलोड के अलावा अधिक किराया भी देना पड़ता है। नागरिकों ने एक नवंबर से बस सेवा शुरू नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर रोडवेज के सहायक मंडलीय प्रबंधक नीलिमा शर्मा का कहना है कि बसों की कमी के चलते इस सेवा को नियमित रूप से संचालित करने में अड़चनें आ रही है। साथ ही इस रुट पर रोडवेज को अपेक्षित राजस्व भी नहीं मिल पा रहा है। अलबत्ता फिर भी बस सेवा को फिर से शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
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रोडवेज के यातायात अधीक्षक रमेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि पिछले तीन दिनों से दिल्ली के लिए दो से तीन अतिरिक्त बसों का संचालन किया जा रहा है। लोहाघाट से मैदानी क्षेत्रों के लिए प्रतिदिन 15 बसों का संचालन होता है। सामान्य तौर पर रोजाना दिल्ली के लिए पांच, देहरादून के लिए वाया टनकपुर तीन, देहरादून के लिए वाया देवीधुरा एक, बरेली के लिए दो, ऋषिकेश, हल्द्वानी, काशीपुर, नैनीताल के लिए एक-एक बसों का संचालन किया जाता है। भैय्या दूज के बाद मैदानी क्षेत्रों के लिए जाने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कतें न हों, इसके लिए अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। यातायात अधीक्षक ने बताया कि दिल्ली, देहरादून, बरेली आदि लंबे रूटों में अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।
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बंद हुई रीठा साहिब बस सेवा, परेशान हुए लोग
रीठा साहिब/चंपावत। लधिया घाटी के लिए परिवहन निगम की बस सेवा फिर से बंद हो गई है। बस सेवा बंद होने से परेशान लोग कई बार इसे संचालित करने की मांग उठाते रहे हैं, लेकिन सेवा शुरू नहीं हो सकी है। अब इलाके के लोगों ने बस सेवा जल्द संचालित नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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लधिया घाटी में भिंगराड़ा व बिरगुल के अलावा गुरुद्वारा के लिए प्रसिद्ध रीठा साहिब आदि महत्वपूर्ण इलाके हैं। लोगों के भारी दबाव में मई में रोडवेज ने रीठा साहिब-पोंटा साहिब और रीठा साहिब-दिल्ली दो बस सेवाएं संचालित की। लेकिन जून के शुरू में हुए जोड़ मेले के बाद से यह सेवाएं बंद हो गई। लोगों का कहना है कि रोडवेज की सेवा नहीं होने से यहां के ग्रामीणों को किसी भी जगह जाने के लिए टैक्सियों का सहारा लेना पड़ता है। मगर इन टैक्सियों में अमूमन ओवरलोड के अलावा अधिक किराया भी देना पड़ता है। नागरिकों ने एक नवंबर से बस सेवा शुरू नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर रोडवेज के सहायक मंडलीय प्रबंधक नीलिमा शर्मा का कहना है कि बसों की कमी के चलते इस सेवा को नियमित रूप से संचालित करने में अड़चनें आ रही है। साथ ही इस रुट पर रोडवेज को अपेक्षित राजस्व भी नहीं मिल पा रहा है। अलबत्ता फिर भी बस सेवा को फिर से शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।