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वाहनों का पानी बुझा रहा शहर वालों की प्यास
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Sun, 28 May 2017 11:28 PM IST
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टैंकर से पानी भरते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय में लोग पानी की किल्लत से परेशान हैं। बारिश के बावजूद पेयजल स्रोत में जलस्तर नहीं बढ़ पा रहा है। पेयजल स्रोतों में अब भी 60 प्रतिशत पानी की गिरावट दर्ज की जा रही है। लोगों को विभागीय टैंकर और पिकअप वाहन के जरिए पानी बांटा जा रहा है।
जिला मुख्यालय में तल्ली मादली, मल्ली मादली, देवल, मांजगांव, त्यारकूड़ा, जीआईसी रोड, कनलगांव और जीजीआईसी क्षेत्र में पानी की किल्लत है। चंपावत में रोज 1.10 एमएलडी पानी की जरूरत है, मगर इसके सापेक्ष उपलब्धता मात्र 0.24 एमएलडी ही है। जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता एसएस थापा ने बताया कि बारिश के बावजूद पेयजल स्रोत में मामूली सुधार हुआ है।
रौखेत समेत कई पेयजल स्रोतों में पानी की कमी बनी है। बताया कि चंपावत की सभी 73 पेयजल योजनाओं में पानी चल रहा है, लेकिन पेयजल की कमी के चलते एक दिन छोड़ कर पानी दिया जा रहा है। जेई ने बताया कि पेयजल संकट से निपटने को इन इलाकों में तीन-तीन हजार लीटर क्षमता के दो विभागीय टैंकर और किराए के तीन वाहनों के जरिए पानी बांटा जा रहा है।
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जिला मुख्यालय में तल्ली मादली, मल्ली मादली, देवल, मांजगांव, त्यारकूड़ा, जीआईसी रोड, कनलगांव और जीजीआईसी क्षेत्र में पानी की किल्लत है। चंपावत में रोज 1.10 एमएलडी पानी की जरूरत है, मगर इसके सापेक्ष उपलब्धता मात्र 0.24 एमएलडी ही है। जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता एसएस थापा ने बताया कि बारिश के बावजूद पेयजल स्रोत में मामूली सुधार हुआ है।
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रौखेत समेत कई पेयजल स्रोतों में पानी की कमी बनी है। बताया कि चंपावत की सभी 73 पेयजल योजनाओं में पानी चल रहा है, लेकिन पेयजल की कमी के चलते एक दिन छोड़ कर पानी दिया जा रहा है। जेई ने बताया कि पेयजल संकट से निपटने को इन इलाकों में तीन-तीन हजार लीटर क्षमता के दो विभागीय टैंकर और किराए के तीन वाहनों के जरिए पानी बांटा जा रहा है।
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