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जंगल गई महिला लौट कर नहीं आई
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The woman who went to the forest did not come back
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चंपावत। गाय चराने गई चक्कू गांव की पुष्पा देवी के घर न लौटने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र के आसपास के जंगलों में बाघ और तेंदुए की दहशत के बीच उसके वापस नहीं आने से लोगों में दहशत है। चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है कि गाय लौट आई है।
दिनेश कुमार की पत्नी पुष्पा देवी बुधवार सुबह 11 बजे गाय को चराने के लिए जंगल गई थी। ग्राम प्रधान हीरा देवी और पूर्व प्रधान विनोद चौधरी ने वन विभाग को जानकारी दी तो डीएफओ आरसी कांडपाल ने रेंजर हेम चंद्र गहतोड़ी और वन दरोगा चतुर सिंह के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम को भेजा। चक्कू गांव से ढाई किमी दूर तक जंगल की छानबीन करने पर वन विभाग वन्यजीव के लक्षण नहीं मिलने की बात कह रहा है। रेंजर का कहना है कि कहीं भी चप्पल, कपड़े या कोई ऐसे निशान नहीं है। बृहस्पतिवार सुबह वन विभाग की टीम जंगल जाकर महिला की तलाश करेगी। वहीं गांव के कुछ लोगों का यह भी कहना है कि बुधवार सुबह परिवार में भी छिटपुट मनमुटाव हुआ था।
दो माह में दो महिलाओं की जान ले चुका है वन्यजीव
चंपावत। चंपावत क्षेत्र के आसपास के दो गांवों में वन्यजीव दो महिलाओं को मौत के घाट उतार चुका है। पिछले साल छह दिसंबर को ढकना बडोला गांव की महिला मीना देवी को जंगल में बाघ ने मार डाला था। इसी गांव से कुछ दूरी पर नघान गांव के रिखवाड़ी जंगल में 31 जनवरी को एक महिला चंचला देवी को एक वन्यजीव ने मार डाला। पिंजरे के अलावा कैमरे लगाने और गश्त करने के बावजूद वन्यजीव का सुराग नहीं लग सका है।
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वन विभाग ने जारी किए हैं ये दिशा निर्देश
ग्रामीण अकेले घास या लकड़ी के लिए जंगल ना जाएं।
महिलाएं घास, चारापत्ती आदि के लिए झुंड में ही घर के पास के जंगल में जाएं।
रात के समय घरों से बाहर न जाएं, अगर जरूरत हो तो समूह में जाएं।
जंगल में बच्चों को बिल्कुल भी न ले जाएं।
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दिनेश कुमार की पत्नी पुष्पा देवी बुधवार सुबह 11 बजे गाय को चराने के लिए जंगल गई थी। ग्राम प्रधान हीरा देवी और पूर्व प्रधान विनोद चौधरी ने वन विभाग को जानकारी दी तो डीएफओ आरसी कांडपाल ने रेंजर हेम चंद्र गहतोड़ी और वन दरोगा चतुर सिंह के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम को भेजा। चक्कू गांव से ढाई किमी दूर तक जंगल की छानबीन करने पर वन विभाग वन्यजीव के लक्षण नहीं मिलने की बात कह रहा है। रेंजर का कहना है कि कहीं भी चप्पल, कपड़े या कोई ऐसे निशान नहीं है। बृहस्पतिवार सुबह वन विभाग की टीम जंगल जाकर महिला की तलाश करेगी। वहीं गांव के कुछ लोगों का यह भी कहना है कि बुधवार सुबह परिवार में भी छिटपुट मनमुटाव हुआ था।
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दो माह में दो महिलाओं की जान ले चुका है वन्यजीव
चंपावत। चंपावत क्षेत्र के आसपास के दो गांवों में वन्यजीव दो महिलाओं को मौत के घाट उतार चुका है। पिछले साल छह दिसंबर को ढकना बडोला गांव की महिला मीना देवी को जंगल में बाघ ने मार डाला था। इसी गांव से कुछ दूरी पर नघान गांव के रिखवाड़ी जंगल में 31 जनवरी को एक महिला चंचला देवी को एक वन्यजीव ने मार डाला। पिंजरे के अलावा कैमरे लगाने और गश्त करने के बावजूद वन्यजीव का सुराग नहीं लग सका है।
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वन विभाग ने जारी किए हैं ये दिशा निर्देश
ग्रामीण अकेले घास या लकड़ी के लिए जंगल ना जाएं।
महिलाएं घास, चारापत्ती आदि के लिए झुंड में ही घर के पास के जंगल में जाएं।
रात के समय घरों से बाहर न जाएं, अगर जरूरत हो तो समूह में जाएं।
जंगल में बच्चों को बिल्कुल भी न ले जाएं।