लोहाघाट (चंपावत)। उप जिला अस्पताल लोहाघाट के आवासीय भवन की मरम्मत के कार्य में सरकारी धन को ठिकाने लगाने का आरोप लगाया जा रहा है। करीब दो माह पूर्व जिस छत की मरम्मत की गई थी वह पहली बारिश भी नहीं झेल पाई। आवास में रह रही फार्मासिस्ट किरन जोशी ने सीएमओ पत्र लिखकर छत की दोबारा मरम्मत करने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि विभाग की ओर से चार लाख 12 हजार रुपये लागत से उनके सरकारी आवासीय भवन की मरम्मत इसी वर्ष मार्च अप्रैल माह में कराई गई थी। इसके अंतर्गत भवन में छत की मरम्मत, फर्श की मरम्मत कर टाइल लगाने, रंग रोगन आदि कार्य किया गया था। लेकिन घटिया गुणवत्ता के साथ हुए कार्य के चलते मई माह में हुई बारिश में छत धीरे धीरे टपकने लगी थी। इसकी शिकायत संबंधित जेई को कर दी गई थी। जून में हुई भारी बारिश का पानी छत से घर में आ गया। इससे उनके आवश्यक दस्तावेज, कपडे़ आदि भीगने के साथ टीवी खराब हो गया है। उन्होंने घटिया गुणवत्ता के साथ किए गए कार्य पर गहरी नाराजगी जताते हुए शीघ्र दोबारा मरम्मत की मांग की। इधर, सीएमओ डॉ.आरपी खंडूरी ने स्वीकार किया कि कार्य घटिया गुणवत्ता के साथ किया गया है। उनका कहना है कि जेई का स्पष्टीकरण लेने के साथ जल्द दोबारा मरम्मत कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अभियंता अभिषेक तोमर का कहना है कि तीन चार दिन में छत की दोबारा मरम्मत कराई जाएगी।