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Champawat News: जंगलात की एक हां के लिए दो साल से रुकी है सड़क
Tue, 24 Oct 2023 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 24 Oct 2023 10:45 PM IST
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सड़क विहीन कलियाधुरा गांव। संवाद
चंपावत। नैनीताल जिले के पास के गांव कलियाधुरा क्षेत्र की सड़क पर वन विभाग की अनापत्ति भारी पड़ रही है। दो साल से वन प्रकरण निस्तारित नहीं हो सका है। सड़क नहीं होने से इस क्षेत्र के 11 गांवोंं के एक हजार से अधिक लोगों को न केवल लंबी पैदल दूरी तय करनी पड़ती है बल्कि जेब पर भी मार पड़ रही है।
बिनवालगांव से कलियाधुरा की 16 किलोमीटर लंबी सड़क की घोषण अगस्त 2021 में को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की थी। उनकी घोषणा के बाद सड़क को मंजूरी मिली लेकिन अब तक इस सड़क की कटिंग शुरू नहीं हो सकी है। सड़क की कटिंग में 8.721 हेक्टेयर वन क्षेत्र आड़े आ रहा है।
सड़क की कमी से जिंदगी कठिन भी और महंगी भी
बीडीसी सदस्य केशर नौलिया, ईश्वर नौलिया, गोविंद सिंह नौलिया, चंदन बिष्ट, राजू सिंह, सतीश सिंह आदि का कहना है कि सड़क की कमी से ग्रामीणों की जिंदगी कठिन भी हो गई है और महंगी भी। खाद्य सामग्री से लेकर गैस सिलिंडर तक घोड़े-खच्चर पर ढुलान करना होता है। इस पर लगभग 500 रुपये का अतिरिक्त खर्च हो जाते हैं। बीमार को अस्पताल ले जाने और बुजुर्ग व बच्चों को गांव तक पहुंचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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सड़क नहीं होने से हो रहे ये नुकसान
क्षेत्र के गांवों तक ढुलान के चलते सामान की लागत में 30 प्रतिशत का इजाफा।
गांव से सड़क तक पहुंचने में तीन घंटे लगते हैं।
इलाज के लिए डोली का सहारा।
क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं पर असर।
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सड़क बनने पर इन 11 गांवों को होगा लाभ
गोलडांडा, तोलारौकुड़ी, खेतिया, घडयूड़ा, पलाड़ा, शिपटाडा, सेला, मल्लातोला, कैडाईजर, बोलना और कलियाधुरा।
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बिनवालगांव-कलियाधुरा सड़क के निर्माण के लिए वन अनापत्ति की पत्रावली वन संरक्षक कार्यालय को भेजी गई है। अनापत्ति मिलने के बाद ही सड़क की कटिंग शुरू कराई जा सकती है। - अनुपम राय, सहायक अभियंता, लोनिवि, चंपावत।
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बिनवालगांव-कलियाधुरा सड़क के लिए वन आपत्ति पत्रावली प्रक्रिया में है। नोडल विभाग से मंजूरी के बाद अब यह पत्रावली भारत सरकार भेजी जाएगी। अनुमोदन के बाद जमीन का स्वामित्व लोनिवि को मिलेगा। तब सड़क का काम शुरू हो सकेगा। - आरसी कांडपाल, प्रभागीय वनाधिकारी, चंपावत।
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बिनवालगांव से कलियाधुरा की 16 किलोमीटर लंबी सड़क की घोषण अगस्त 2021 में को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की थी। उनकी घोषणा के बाद सड़क को मंजूरी मिली लेकिन अब तक इस सड़क की कटिंग शुरू नहीं हो सकी है। सड़क की कटिंग में 8.721 हेक्टेयर वन क्षेत्र आड़े आ रहा है।
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सड़क की कमी से जिंदगी कठिन भी और महंगी भी
बीडीसी सदस्य केशर नौलिया, ईश्वर नौलिया, गोविंद सिंह नौलिया, चंदन बिष्ट, राजू सिंह, सतीश सिंह आदि का कहना है कि सड़क की कमी से ग्रामीणों की जिंदगी कठिन भी हो गई है और महंगी भी। खाद्य सामग्री से लेकर गैस सिलिंडर तक घोड़े-खच्चर पर ढुलान करना होता है। इस पर लगभग 500 रुपये का अतिरिक्त खर्च हो जाते हैं। बीमार को अस्पताल ले जाने और बुजुर्ग व बच्चों को गांव तक पहुंचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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सड़क नहीं होने से हो रहे ये नुकसान
क्षेत्र के गांवों तक ढुलान के चलते सामान की लागत में 30 प्रतिशत का इजाफा।
गांव से सड़क तक पहुंचने में तीन घंटे लगते हैं।
इलाज के लिए डोली का सहारा।
क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं पर असर।
सड़क बनने पर इन 11 गांवों को होगा लाभ
गोलडांडा, तोलारौकुड़ी, खेतिया, घडयूड़ा, पलाड़ा, शिपटाडा, सेला, मल्लातोला, कैडाईजर, बोलना और कलियाधुरा।
बिनवालगांव-कलियाधुरा सड़क के निर्माण के लिए वन अनापत्ति की पत्रावली वन संरक्षक कार्यालय को भेजी गई है। अनापत्ति मिलने के बाद ही सड़क की कटिंग शुरू कराई जा सकती है। - अनुपम राय, सहायक अभियंता, लोनिवि, चंपावत।
बिनवालगांव-कलियाधुरा सड़क के लिए वन आपत्ति पत्रावली प्रक्रिया में है। नोडल विभाग से मंजूरी के बाद अब यह पत्रावली भारत सरकार भेजी जाएगी। अनुमोदन के बाद जमीन का स्वामित्व लोनिवि को मिलेगा। तब सड़क का काम शुरू हो सकेगा। - आरसी कांडपाल, प्रभागीय वनाधिकारी, चंपावत।