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हर न्याय पंचायत में हो मॉडल आवासीय स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 02 Oct 2015 10:24 PM IST
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नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2015 में शिक्षा के पाठ्यक्रम में समानता की वकालत की गई। इसी तरह हर न्याय पंचायत स्तर पर मॉडल आवासीय स्कूल को जरूरी बताया गया। ये सुझाव यहां रिटायर्ड शिक्षक डा.डीडी जोशी की अध्यक्षता और प्रवक्ता नरेश राय, डा.एमपी जोशी के संचालन में हुई गोष्ठी में रखे गए। ये सुझाव राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थान (एससीईआरटी) के माध्यम से भारत सरकार को भेजे जाएंगे।
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कहा गया कि बेहतर शैक्षिक गुणवत्ता के लिए प्राथमिक स्तर पर हर कक्षा में न्यूनतम एक शिक्षक रखा जाए। शिक्षा के निवेश को बढ़ाने, व्यावसायिक शिक्षा के जरिए रोजगार परक शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा के माध्यम से पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा जैसे सुझाव दिए गए। सीईओ एनसी पाठक, डीईओ डीएस राजपूत, सत्यनारायण, महाविद्यालय के प्राचार्य डा.सीडी सूंठा, उप शिक्षाधिकारी अंशुल बिष्ट, मनीष बिष्ट, हरेंद्र साह, महावीर सिंह, जीआईसी के प्रधानाचार्य सीपी गहतोड़ी, हेमंती बोरा, डा.बीसी जोशी, डा.मदन पाल, मदन महर, प्रहलाद बोरा, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, हिमवत्स के प्रतिनिधियों ने सुझाव रखे।
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