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पीआरडी की महिला जवानों को दी गई ट्रेनिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Thu, 23 Jun 2016 11:16 PM IST
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पीआरडी जवानों को दी ट्रेनिंग
- फोटो : अमर उजाला
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लोहाघाट (चंपावत)। यहां युवा भवन में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के महिला जवानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 22 दिन तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में जिलेभर की पीआरडी की 49 महिला जवान प्रशिक्षण ले रही हैं। कैंप के 17वें दिन सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सब एरिया ऑर्गनाइजर एसके बड़ोला ने एसएसबी की कार्यशैली बताई। उन्होंने सीमा की सुरक्षा में एसएसबी के जवानों का योगदान बताया। कहा कि आज महिलाएं भी सेना में भर्ती होकर राष्ट्रसेवा में लगी हैं।
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विषम हालात में वह परिस्थितियों का डटकर मुकाबला कर रही हैं। उन्होंने जवानों को देश में हो रहे घुसपैठ को रोकने, गुप्त सूचनाओं का उपयोग कर बड़ी साजिशों का खुलासा करने के टिप्स दिए। प्रशिक्षण के दौरान दी जाने वाली सभी जानकारियों को गंभीरतापूर्वक सीखने का आह्वान किया। क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी (बीओ) जसवंत सिंह खड़ायत ने बताया कि पीआरडी की महिला जवानों को हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस दौरान एसएसबी के विनोद कुमार, महामानव राय भी थे।
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बनबसा (चंपावत)। धनुषपुल स्थित एसएसबी 57वीं वाहिनी की डी कंपनी में बृहस्पतिवार को एक दिवसीय कार्यशाला हुई। जिसमें जवानों को सीमा पर होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए बने कानूनों की जानकारियां दी गईं। एसएसबी 57वीं वाहिनी कमांडेंट केसी राना के निर्देश पर धनुषपुल स्थित डी कंपनी में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
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जिसमें सीमा पर होने वाले विभिन्न अपराधों की रोकथाम के बारे में बताया गया। वन विभाग के रमेश चंद्र ने वन्यजीव तस्करी रोकने के लिए बने वाइल्डलाइफ एक्ट 1972 के बारे में बताया। ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के एचसी लक्ष्मण चंद ने जवानों को मानव तस्करी और उससे जुड़े पहलुओं की जानकारी दी।
उन्होंने मानव तस्करी से संबंधित आईपीसी की धारा 361, 362, 363, 365, 366 की व्याख्या की। डी कंपनी प्रभारी (इंस्पेक्टर) सोढ़ा कलजी ने अध्यक्षता की। इस दौरान एसएसबी के एचसी राजीव कुमार, विठ्ठल ननवाने, सत्यनारायण सिंह, धर्मेंद्र कुमार, इंदल कुमार सिंह आदि थे।