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गंगा को अब सिर्फ नदी मानने से हुई मोक्षदायिनी की दुर्दशा
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लोहाघाट पीजी कॉलेज में नमामि गंगे कार्यक्रम का समापन करते एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कुल
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। राजकीय पीजी कॉलेज में नमामि गंगे के तहत करीब पांच माह तक विशेष अभियान चलाया गया। बुधवार को हुए इसके समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कुलपति डॉ. नरेंद्र भंडारी रहे।
कुलपति डॉ. भंडारी ने कहा कि पहले हम गंगा को मां मानते थे, अब सिर्फ नदी मानते हैं। इस आज कारण मोक्षदायिनी गंगा की यह दुर्दशा हुई है। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत नई पीढ़ी को गंगा को मां मानने और पर्यावरण को बचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कहा कि नमामि गंगे अभियान से जुड़े सभी लोग अपने क्षेत्रों के नदियों, नौले, धारों को संरक्षित करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
हिमालयन इंस्टीट्यूट कोसी कटारमल से आए वैज्ञानिक वैभव एकनाथ ने जल संकट से निपटने के लिए बड़े स्तर पर पानी के पोषक पौधे रोपने के लिए कहा। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. सुमन पांडेय ने बताया कि इस वर्ष 12 मार्च को नमामि गंगे कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। कुलपति ने महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। प्राचार्य डॉ. संगीता गुप्ता की अध्यक्षता में डॉ. अर्चना त्रिपाठी ने संचालन किया। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुषमा फर्त्याल, डॉ. कीर्तिबल्लभ सक्टा, गीतांजलि सेवा संस्थान के अध्यक्ष सतीश चंद्र पांडेय आदि रहे।
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कुलपति डॉ. भंडारी ने कहा कि पहले हम गंगा को मां मानते थे, अब सिर्फ नदी मानते हैं। इस आज कारण मोक्षदायिनी गंगा की यह दुर्दशा हुई है। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत नई पीढ़ी को गंगा को मां मानने और पर्यावरण को बचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कहा कि नमामि गंगे अभियान से जुड़े सभी लोग अपने क्षेत्रों के नदियों, नौले, धारों को संरक्षित करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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हिमालयन इंस्टीट्यूट कोसी कटारमल से आए वैज्ञानिक वैभव एकनाथ ने जल संकट से निपटने के लिए बड़े स्तर पर पानी के पोषक पौधे रोपने के लिए कहा। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. सुमन पांडेय ने बताया कि इस वर्ष 12 मार्च को नमामि गंगे कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। कुलपति ने महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। प्राचार्य डॉ. संगीता गुप्ता की अध्यक्षता में डॉ. अर्चना त्रिपाठी ने संचालन किया। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुषमा फर्त्याल, डॉ. कीर्तिबल्लभ सक्टा, गीतांजलि सेवा संस्थान के अध्यक्ष सतीश चंद्र पांडेय आदि रहे।
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