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घास के लुट्टों में आग लगी, 35 हजार का नुकसान
अमर उजाला ब्यूराे लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Thu, 01 Mar 2018 09:55 PM IST
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लोहाघाट के रायनगर चौड़ी गांव में घास के लुटटों में लगी आग को बुझाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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रायनगर चौड़ी गांव में घास के दो लुट्टों में आग लगने से सारी घास जल गई। अग्नि कांड में 35 हजार से अधिक नुकसान हो गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया। घास के लुट्टों में अचानक आग लगने से पीड़ित परिवार के समक्ष जानवरों के लिए चारे की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
रायनगर चौड़ी गांव में बृहस्पतिवार को दिन में करीब साढ़े तीन बजे लोग मंदिर में होली गायन कर रहे थे। इसी दौरान गांव के डांग तोक के बीच के नौले के पास लगाए गए रमेश चंद्र के दो घास के लुट्टों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। बीडीसी सदस्य भैरव राय, प्रधान विमला देवी, आनंद राय, कुलदीप राय, राजू कापड़ी, कमल राय, दीपा, विमला, शांति, डौली, नेहा, सावित्री, दुर्गा, जानकी, गिरीश आदि ग्रामीण नौले से पानी लाकर आग बुझाने में जुट गए। इस दौरान कई लोगों के आंशिक रूप से हाथ भी झुलस गए। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अग्निकांड में लुट्टों में लगी सारी घास जल गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
आग के लुट्टों में लगी दूसरी बार आग
मेहनत-मजदूरी करने के साथ गाय पाल कर परिवार का भरण-पोषण करने रमेश चंद्र का दुर्भाग्य पीछा नहीं छोड़ रहा है। करीब पांच माह पूर्व भी उनके घर में रखी हजारों रुपये की घास आग लगने से जलकर बर्बाद हो चुकी है। जैसे-तैसे व्यवस्था कर रमेश और उसकी पत्नी आशा ने बड़ी मुश्किल से अपने जानवरों के लिए घास खरीद कर दो लुट्टे लगाए थे। लेकिन विडंबना देखिए कि दूसरी बार भी उसकी घास में आग लग गई।
रायनगर चौड़ी गांव में बृहस्पतिवार को दिन में करीब साढ़े तीन बजे लोग मंदिर में होली गायन कर रहे थे। इसी दौरान गांव के डांग तोक के बीच के नौले के पास लगाए गए रमेश चंद्र के दो घास के लुट्टों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। बीडीसी सदस्य भैरव राय, प्रधान विमला देवी, आनंद राय, कुलदीप राय, राजू कापड़ी, कमल राय, दीपा, विमला, शांति, डौली, नेहा, सावित्री, दुर्गा, जानकी, गिरीश आदि ग्रामीण नौले से पानी लाकर आग बुझाने में जुट गए। इस दौरान कई लोगों के आंशिक रूप से हाथ भी झुलस गए। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अग्निकांड में लुट्टों में लगी सारी घास जल गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
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आग के लुट्टों में लगी दूसरी बार आग
मेहनत-मजदूरी करने के साथ गाय पाल कर परिवार का भरण-पोषण करने रमेश चंद्र का दुर्भाग्य पीछा नहीं छोड़ रहा है। करीब पांच माह पूर्व भी उनके घर में रखी हजारों रुपये की घास आग लगने से जलकर बर्बाद हो चुकी है। जैसे-तैसे व्यवस्था कर रमेश और उसकी पत्नी आशा ने बड़ी मुश्किल से अपने जानवरों के लिए घास खरीद कर दो लुट्टे लगाए थे। लेकिन विडंबना देखिए कि दूसरी बार भी उसकी घास में आग लग गई।
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