{"_id":"57efedb24f1c1b1e08573aa1","slug":"the-influx-of-devotees-in-the-temples-was","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिरों में लगा भक्तों का तांता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिरों में लगा भक्तों का तांता
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 01 Oct 2016 10:39 PM IST
विज्ञापन
मंदिरों में लगा भक्तों का तांता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शारदीय नवरात्रों के पहले दिन जिला मुख्यालय सहित लोहाघाट, ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बालेश्वर, नागनाथ, गोलू मंदिर, डिप्टेश्वर, क्रांतेश्वर, मल्लाडेश्वर, तारकेश्वर, मानेश्वर आदि धामों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया था। लोहाघाट नगर के प्रसिद्ध शिवालय मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो गया था।
मानेश्वर, रामेश्वर, पंचेश्वर, हरेश्वर, देवीधार, बाराकोट के लड़ीधुरा मंदिर, अखिलतारिणी, कडाई देवी मंदिर, सुंई के आदित्य महादेव मंदिर, मष्टा मंडाली, फटकशिला मंदिर, रमक के सूर्य मंदिर, रेगडू के शिवमंदिर में श्रद्धालुओं की दिनभर भारी भीड़ रही।
देवीधुरा में बाराहीधाम में लोगों पूजा-अर्चना की। मंदिर में सुबह से ही अखंड दीप जलाने का क्रम शुरू हो गया था। चार खाम सात थोक के प्रमुख त्रिलोक सिह बिष्ट, विरेंद्र लमगड़िया, गंगा सिंह, बद्री सिंह, सिरगुरो त्रिलोक सिंह ने क्षेत्र में सुख शांति समृद्धि के लिए परंपरागत रूप से पूजा की। पंडित गिरजाप्रसाद जोशी ने पूजा संपन्न कराई। पुजारी विशन दत्त ने अखंड दीप प्रज्ज्वलित किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मानेश्वर, रामेश्वर, पंचेश्वर, हरेश्वर, देवीधार, बाराकोट के लड़ीधुरा मंदिर, अखिलतारिणी, कडाई देवी मंदिर, सुंई के आदित्य महादेव मंदिर, मष्टा मंडाली, फटकशिला मंदिर, रमक के सूर्य मंदिर, रेगडू के शिवमंदिर में श्रद्धालुओं की दिनभर भारी भीड़ रही।
विज्ञापन
देवीधुरा में बाराहीधाम में लोगों पूजा-अर्चना की। मंदिर में सुबह से ही अखंड दीप जलाने का क्रम शुरू हो गया था। चार खाम सात थोक के प्रमुख त्रिलोक सिह बिष्ट, विरेंद्र लमगड़िया, गंगा सिंह, बद्री सिंह, सिरगुरो त्रिलोक सिंह ने क्षेत्र में सुख शांति समृद्धि के लिए परंपरागत रूप से पूजा की। पंडित गिरजाप्रसाद जोशी ने पूजा संपन्न कराई। पुजारी विशन दत्त ने अखंड दीप प्रज्ज्वलित किए।
विज्ञापन