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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   The ideal school is not fulfilling expectations

आदर्श स्कूल उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है

Fri, 21 Jul 2017 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Fri, 21 Jul 2017 10:46 PM IST
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चंपावत।
राजकीय इंटर कॉलेज चंपावत को बेशक आदर्श स्कूल का दर्जा मिला है। पर विद्यालय के हालात नाम के अनुरूप बिल्कुल भी नहीं हैं। शिक्षकों की कमी छात्रों के बेहतर भविष्य की राह में रोड़ा बन रही है। जीआईसी में प्रवक्ताओं के चार पद खाली हैं, जिससे कॉलेज में छात्र संख्या बढ़ने के बजाय घट रही है। आदर्श स्कूल का दर्जा मिले दो साल बीतने के बाद भी इसमें अंग्रेजी माध्यम पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है।
आदर्श स्कूल राजकीय इंटर कॉलेज चंपावत अभिभावकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। जीआईसी को वर्ष 2015 में आदर्श स्कूल का दर्जा मिला। आदर्श स्कूल बनने के बाद भी इसमें बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। जीआईसी में प्रवक्ताओं के 11 पद स्वीकृत हैं। इनमें से हिंदी, भूगोल, वाणिज्य, रसायन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के पद लंबे समय से खाली हैं। एलटी में स्वीकृत 13 पदों में सभी की तैनाती है, लेकिन इसी माह से वाणिज्य के शिक्षक तीन माह के लिए एनसीसी की ट्रेनिंग में गए हैं। इस वजह से इस विषय की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। नियमों के तहत आदर्श स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराई जानी थी, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है।
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पिछले दस सालों में जीआईसी की छात्र संख्या।
क्रम सं.       वर्ष      छात्र संख्या
1.        2008        633
2.        2009        647              
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3.        2010        604
4.        2011        401
5.        2012        533
6.        2013        354
7.        2014        394
8.        2015        409
9.        2016        411
10.      2017        250  इस वर्ष नामांकन प्रक्रिया गतिमान है।
 
विद्यालय में प्रवक्ताओं के चार पद खाली हैं। इसकी सूचना समय समय पर उच्चाधिकारियों को दी जाती रही है। शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
- सीपी गहतोड़ी, प्रधानाचार्य, आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज चंपावत।

बुनियादी सुविधा जुटाना था मकसद
चंपावत। बुनियादी सुविधाओं को जुटाने के मकसद से आदर्श स्कूल बनाए गए थे। योजना के तहत इन स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, कंप्यूटर लैब समेत तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जानी थी।


 जिले में ये हैं आदर्श विद्यालय
चंपावत। साल 2015 में जिले में माध्यमिक, जूनियर, प्राथमिक स्तर में 20 स्कूलों को आदर्श स्कूल का दर्जा दिया गया था। माध्यमिक वर्ग में जीआईसी चंपावत, पुलहिंडोला, बाराकोट, पाटी, जीजीआईसी टनकपुर, लोहाघाट, चौमेल, खेतीखान, जूनियर वर्ग में महात्मा गांधी पूमावि टनकपुर, पऊ, कानाकोट, इजड़ा जबकि प्राथमिक वर्ग में मंच, नरसिंहडांडा, मानाढूंगा, लोहाघाट, पोखरी, गागर, चामी, कामाज्यूल प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
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