कृत्रिम अंग की आस में 94 किमी दूर से आया दिव्यांग मायूस लौटा
विज्ञापन
उपकरण के लिए तरसते रैघाड़ी गांव के दिव्यांग परमानंद।
- फोटो : CHAMPAWAT