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Champawat News: थम नहीं रहा निदेशक और कर्मचारियों के बीच उपजा विवाद
Tue, 23 May 2023 10:18 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 23 May 2023 10:18 PM IST
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सीएम कैंप कार्यालय में ज्ञापन सौंपते इंजीनियरिंग कॉलेज के दैनिक कर्मचारी। संवा
टनकपुर (चंपावत)। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में निदेशक डॉ. अमित अग्रवाल और दैनिक कर्मचारियों के बीच उपजा विवाद थम नहीं रहा है। निदेशक पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले कर्मचारियों ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें उन्होंने निदेशक पर लगाए गए आरोपों की जांच की मांग उठाई है। इधर, निदेशक डॉ. अग्रवाल ने आरोपों को बेबुनियाद और झूठा बताया है। उनका कहना है कि सेवा ने निकाले गए फैकल्टी और कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करत हुए हाथापाई का प्रयास किया। इसकी सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपी गई है।
कॉलेज के निदेशक और कुछ कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद गत दिनों इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस तक पहुंच गए। निदेशक डॉ. अग्रवाल ने गेस्ट फैकल्टी अलप सिंह महर, दैनिक कर्मचारी तनुजा महर और मोहित गड़कोटी पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उनकी सेवा समाप्त की है। इसके विरोध में मंगलवार को निकाले गए कर्मचारियों के समर्थक कर्मचारी न सिर्फ कार्य बहिष्कार पर रहे बल्कि उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सेवा से निकाले गए फैकल्टी अलप सिंह महर, मोहित गड़कोटी, तनुजा महर के अलावा मनीष चंद, मनोज शर्मा, अनिल वाल्मीकि, हेम पोखरिया, मोनू, हरीश सिंह आदि शामिल थे।
इधर, निदेशक डॉ. अग्रवाल का कहना है कि सेवा से निकाले गए गेस्ट फैकल्टी और दैनिक कर्मचारियों ने कॉलेज परिसर के अंदर उनके साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई का प्रयास किया, जो सीसी कैमरे में भी कैद है। उन्होंने कहा कि मेरे साथ जो बर्ताव हुआ है उससे क्षुब्ध हूं और ऐसी स्थिति में संस्थान में पद पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं है।
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कॉलेज के निदेशक और कुछ कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद गत दिनों इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस तक पहुंच गए। निदेशक डॉ. अग्रवाल ने गेस्ट फैकल्टी अलप सिंह महर, दैनिक कर्मचारी तनुजा महर और मोहित गड़कोटी पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उनकी सेवा समाप्त की है। इसके विरोध में मंगलवार को निकाले गए कर्मचारियों के समर्थक कर्मचारी न सिर्फ कार्य बहिष्कार पर रहे बल्कि उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सेवा से निकाले गए फैकल्टी अलप सिंह महर, मोहित गड़कोटी, तनुजा महर के अलावा मनीष चंद, मनोज शर्मा, अनिल वाल्मीकि, हेम पोखरिया, मोनू, हरीश सिंह आदि शामिल थे।
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इधर, निदेशक डॉ. अग्रवाल का कहना है कि सेवा से निकाले गए गेस्ट फैकल्टी और दैनिक कर्मचारियों ने कॉलेज परिसर के अंदर उनके साथ दुर्व्यवहार और हाथापाई का प्रयास किया, जो सीसी कैमरे में भी कैद है। उन्होंने कहा कि मेरे साथ जो बर्ताव हुआ है उससे क्षुब्ध हूं और ऐसी स्थिति में संस्थान में पद पर बने रहना उनके लिए संभव नहीं है।
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