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Champawat News: चरस तस्करी के दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
Wed, 04 Sep 2024 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 04 Sep 2024 10:50 PM IST
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पिथौरागढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस) शंकर राज ने चरस तस्करी के मामले की सुनवाई करते हुए दोष सिद्ध को 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 22 मार्च 2019 को थाना कोतवाली पिथौरागढ़ पुलिस ने चेकिंग के दौरान मदकोट निवासी ध्यान सिंह धामी के पास से 983 ग्राम चरस बरामद की थी। पूछताछ में उसने बताया कि वह चरस को मुनस्यारी क्षेत्र से इकट्ठा करके पिथौरागढ़ बाजार में बेचने के लिए ला रहा था। पुलिस ने इस मामले में ध्यान सिंह धामी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पिथौरागढ़ थाने में मुकदमा दर्ज किया।
इसके बाद यह मामला न्यायालय में चला। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोष सिद्ध करते हुए ध्यान सिंह धामी को धारा-8, स्वपठित धारा-20 बी, स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम के अपराध के लिए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोष सिद्ध की इस मामले में पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 22 मार्च 2019 को थाना कोतवाली पिथौरागढ़ पुलिस ने चेकिंग के दौरान मदकोट निवासी ध्यान सिंह धामी के पास से 983 ग्राम चरस बरामद की थी। पूछताछ में उसने बताया कि वह चरस को मुनस्यारी क्षेत्र से इकट्ठा करके पिथौरागढ़ बाजार में बेचने के लिए ला रहा था। पुलिस ने इस मामले में ध्यान सिंह धामी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पिथौरागढ़ थाने में मुकदमा दर्ज किया।
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इसके बाद यह मामला न्यायालय में चला। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोष सिद्ध करते हुए ध्यान सिंह धामी को धारा-8, स्वपठित धारा-20 बी, स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम के अपराध के लिए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोष सिद्ध की इस मामले में पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।
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