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Champawat News: पकड़ में नहीं आ रहा हमलावर तेंदुआ
Sat, 30 Sep 2023 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 30 Sep 2023 11:09 PM IST
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उचौलीगोठ में टेंटिकल सोलर फैंसिंग लगाते कर्मचारी। संवाद
- फोटो : संवाद
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टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर-चंपावत राजमार्ग के आंठवें मील के पास हमलावार तेंदुए को पकड़ने के प्रयास जारी है। बीते शुक्रवार को वन कर्मियों और ट्रेंकुलाइजर टीम ने देर रात तक जंगल में तेंदुए की तलाश की लेकिन वह दिखाई नहीं दिया। अब विभाग ने ट्रेंकुलाइज के लिए पश्चिमी वृत्त से विशेषज्ञ डॉ. आयुष उनियाल को भेजा है जिनके दिशा-निर्देशन में तेंदुए की तलाश शुरू की जा रही है। इसके अलावा पिंजरों की लोकेशन को भी बदला गया है।
राजमार्ग के आंठवें मील क्षेत्र में हमला कर दोपहिया वाहन सवार 13 लोगों को घायल कर चुके तेंदुआ अब तक पकड़ में नहीं आ सका है। विभाग ने आंठवें मील क्षेत्र में दो माह से तीन पिंजरे लगाने के साथ ही बूम, दोगाड़ी और चंपावत के वन कर्मी तैनात किए हैं लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है।
25 सितंबर को स्कूटी सवार जौल निवासी पूरन तिवारी पर हमले के बाद तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ने की कोशिश शुरू की गई है। एक बार ट्रेंकुलाइज होने के बाद पहाड़ी की ओर भागा तेंदुआ दो दिन पहले फिर अमरू बैंड के पास नजर आया था। बूम रेंज के वन क्षेत्राधिकारी गुलजार हुसैन ने बताया कि अब हल्द्वानी से ट्रेंकुलाइजर विशेषज्ञ डाॅ. आयुष उनियाल को भेजा गया है। उनके दिशा-निर्देशन पर तेंदुए की तलाश की जा रही है।
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उचौलीगोठ में सोलर फेंसिंग लगाने का काम शुरू
आस्ट्रेलिया तकनीक की इस फेंसिंग से थमेगा हाथी का उत्पात
छीनीगोठ, ज्ञानखेड़ा और विचई भी फेंसिंग लगाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। उचौलीगोठ में हाथी के उत्पात से फसल बचाने के लिए जंगल और गांव के बीच सोलर फेंसिंग लगाने की मांग पर वन विभाग ने फेंसिंग लगाने का काम शुरू कर दिया है। फेंसिंग लगने पर गांव के किसानों ने खुशी जताते हुए इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
जंगल के सटे गांवों में हाथी के झुंड उत्पात मचाने के साथ ही फसल नष्ट कर देते हैं। वन विभाग ने 2001 में जंगल और गांव की सीमा पर आस्ट्रेलिया तकनीक की टेंटिकल सोलर फेंसिंग लगाई। पूर्णागिरि धाम मार्ग के गैंडाखाली, आमबाग और बस्तिया गांव में फेंसिंग लगाई गई। इससे काफी हद तक हाथी झुंड का उत्पात थमा है। इसके बाद उचौलीगोठ, विचई, ज्ञानखेड़ा और छीनीगोठ में भी इस फेंसिंग को लगाने की मांग लगातार उठ रही थी।
हल्द्वानी वन प्रभाग ने उचौलीगोठ में योजना स्वीकृत कर एक किमी. क्षेत्र में फेंसिंग लगाने का काम शुरू कर दिया है। आमबाग, ज्ञानखेड़ा और छीनीगोठ क्षेत्र तराई पूर्वी वन प्रभाग में है। वहां फिलहाल फेंसिंग योजना मंजूर नहीं हो पाई है। उचौलीगोठ की ग्राम प्रधान पूजा महर, पूर्व प्रधान विशन सिंह महर, सुरेश महर आदि ने वन विभाग का आभार जताया है।
कोट
आस्ट्रेलिया तकनीक की टेंटिकल सोलर फेंसिंग सिर्फ हाथी जैसे बड़े वन्यजीवों को रोकने में कारगर है। बजट मिलने के बाद उचौलीगोठ में नई फेंसिंग लगानेे के साथ ही आमबाग और बस्तिया की खराब पड़ी फेंसिंग की मरम्मत का काम भी कराया जा रहा है। - पूरन चंद्र जोशी, वन क्षेत्राधिकारी शारदा रेंज, टनकपुर।
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बकरी को शारदा नहर में खींच ले गया मगरमच्छ
बनबसा (चंपावत)। बनबसा के सुदूरवर्ती मझगांव में आए दिन मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों दहशत में हैं। बीते दिवस शुक्रवार की देर शाम ग्रामीण रघुवर राम पुत्र जोत राम की बकरी शारदा नहर किनारे चर रही थी। इसी बीच नहर से बाहर आया एक मगरमच्छ बकरी को मुंह में दबोचकर पानी में ले गया। आसपास खड़े ग्रामीण अशोक कुमार, श्याम लाल, महेश प्रसाद, मोहन राम, गोविंद राम, किशन राम आदि ने काफी देर तक नहर में बकरी की तलाश की लेकिन उन्हें बकरी और मगरमच्छ दिखाई नहीं दिए। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित कर पीड़ित ग्रामीण को मुआवजा देने की मांग की है। प्रधान दीपक प्रकाश चंद ने वन विभाग के अधिकारियों से मगरमच्छ को पकड़कर अन्यत्र पहुंचाने की अपील की है। संवाद
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अग्निशमन कर्मियों ने दलदल में फंसी भैंस को बचाया
टनकपुर (चंपावत)। अग्निशमन केंद्र के जवानों ने शारदा नदी के तट में दलदल में फंसी एक भैंस को बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। अग्निशमन अधिकारी अमर सिंह अधिकारी ने बताया कि नायकगोठ में शारदा तट पर जगदीश सिंह की भैंस के दलदल में फंसे होने की सूचना मिली। इस पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भैंस को दलदल से निकालनेे की कार्यवाही शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद भैंस को बाहर निकाला जा सका। अग्निशमन विभाग की टीम में एलएफएम श्याम सिंह, वीरेंद्र कुमार, रामदरश, अर्जुन सिंह, चंद्रशेखर चंद, कृष्णा सिंह, जगजीत सिंह, जगदीश सिंह सामंत, राजेश जिनगोड़ी और सुभाष जोशी शामिल थे। संवाद
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राजमार्ग के आंठवें मील क्षेत्र में हमला कर दोपहिया वाहन सवार 13 लोगों को घायल कर चुके तेंदुआ अब तक पकड़ में नहीं आ सका है। विभाग ने आंठवें मील क्षेत्र में दो माह से तीन पिंजरे लगाने के साथ ही बूम, दोगाड़ी और चंपावत के वन कर्मी तैनात किए हैं लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है।
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25 सितंबर को स्कूटी सवार जौल निवासी पूरन तिवारी पर हमले के बाद तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ने की कोशिश शुरू की गई है। एक बार ट्रेंकुलाइज होने के बाद पहाड़ी की ओर भागा तेंदुआ दो दिन पहले फिर अमरू बैंड के पास नजर आया था। बूम रेंज के वन क्षेत्राधिकारी गुलजार हुसैन ने बताया कि अब हल्द्वानी से ट्रेंकुलाइजर विशेषज्ञ डाॅ. आयुष उनियाल को भेजा गया है। उनके दिशा-निर्देशन पर तेंदुए की तलाश की जा रही है।
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उचौलीगोठ में सोलर फेंसिंग लगाने का काम शुरू
आस्ट्रेलिया तकनीक की इस फेंसिंग से थमेगा हाथी का उत्पात
छीनीगोठ, ज्ञानखेड़ा और विचई भी फेंसिंग लगाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। उचौलीगोठ में हाथी के उत्पात से फसल बचाने के लिए जंगल और गांव के बीच सोलर फेंसिंग लगाने की मांग पर वन विभाग ने फेंसिंग लगाने का काम शुरू कर दिया है। फेंसिंग लगने पर गांव के किसानों ने खुशी जताते हुए इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
जंगल के सटे गांवों में हाथी के झुंड उत्पात मचाने के साथ ही फसल नष्ट कर देते हैं। वन विभाग ने 2001 में जंगल और गांव की सीमा पर आस्ट्रेलिया तकनीक की टेंटिकल सोलर फेंसिंग लगाई। पूर्णागिरि धाम मार्ग के गैंडाखाली, आमबाग और बस्तिया गांव में फेंसिंग लगाई गई। इससे काफी हद तक हाथी झुंड का उत्पात थमा है। इसके बाद उचौलीगोठ, विचई, ज्ञानखेड़ा और छीनीगोठ में भी इस फेंसिंग को लगाने की मांग लगातार उठ रही थी।
हल्द्वानी वन प्रभाग ने उचौलीगोठ में योजना स्वीकृत कर एक किमी. क्षेत्र में फेंसिंग लगाने का काम शुरू कर दिया है। आमबाग, ज्ञानखेड़ा और छीनीगोठ क्षेत्र तराई पूर्वी वन प्रभाग में है। वहां फिलहाल फेंसिंग योजना मंजूर नहीं हो पाई है। उचौलीगोठ की ग्राम प्रधान पूजा महर, पूर्व प्रधान विशन सिंह महर, सुरेश महर आदि ने वन विभाग का आभार जताया है।
कोट
आस्ट्रेलिया तकनीक की टेंटिकल सोलर फेंसिंग सिर्फ हाथी जैसे बड़े वन्यजीवों को रोकने में कारगर है। बजट मिलने के बाद उचौलीगोठ में नई फेंसिंग लगानेे के साथ ही आमबाग और बस्तिया की खराब पड़ी फेंसिंग की मरम्मत का काम भी कराया जा रहा है। - पूरन चंद्र जोशी, वन क्षेत्राधिकारी शारदा रेंज, टनकपुर।
बकरी को शारदा नहर में खींच ले गया मगरमच्छ
बनबसा (चंपावत)। बनबसा के सुदूरवर्ती मझगांव में आए दिन मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों दहशत में हैं। बीते दिवस शुक्रवार की देर शाम ग्रामीण रघुवर राम पुत्र जोत राम की बकरी शारदा नहर किनारे चर रही थी। इसी बीच नहर से बाहर आया एक मगरमच्छ बकरी को मुंह में दबोचकर पानी में ले गया। आसपास खड़े ग्रामीण अशोक कुमार, श्याम लाल, महेश प्रसाद, मोहन राम, गोविंद राम, किशन राम आदि ने काफी देर तक नहर में बकरी की तलाश की लेकिन उन्हें बकरी और मगरमच्छ दिखाई नहीं दिए। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित कर पीड़ित ग्रामीण को मुआवजा देने की मांग की है। प्रधान दीपक प्रकाश चंद ने वन विभाग के अधिकारियों से मगरमच्छ को पकड़कर अन्यत्र पहुंचाने की अपील की है। संवाद
अग्निशमन कर्मियों ने दलदल में फंसी भैंस को बचाया
टनकपुर (चंपावत)। अग्निशमन केंद्र के जवानों ने शारदा नदी के तट में दलदल में फंसी एक भैंस को बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। अग्निशमन अधिकारी अमर सिंह अधिकारी ने बताया कि नायकगोठ में शारदा तट पर जगदीश सिंह की भैंस के दलदल में फंसे होने की सूचना मिली। इस पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भैंस को दलदल से निकालनेे की कार्यवाही शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद भैंस को बाहर निकाला जा सका। अग्निशमन विभाग की टीम में एलएफएम श्याम सिंह, वीरेंद्र कुमार, रामदरश, अर्जुन सिंह, चंद्रशेखर चंद, कृष्णा सिंह, जगजीत सिंह, जगदीश सिंह सामंत, राजेश जिनगोड़ी और सुभाष जोशी शामिल थे। संवाद