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टनकपुर पावर स्टेशन 52 दिन बंद रहेगा,आठ से शुरू होगा निर्माण कार्य, बिजली उत्पादन ठप रहेगा
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टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। नेपाल के लिए बन रही नहर में जलापूर्ति के लिए बैराज के तटबंध पर हेड रेगुलेटर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए बैराज में डंप पानी को सीधे नदी में छोड़ने के लिए टनकपुर पावर स्टेशन पर आठ फरवरी से 31 मार्च तक 52 दिन के क्लोजर की घोषणा कर दी गई है। इस अवधि में पावर स्टेशन में बिजली का उत्पादन ठप रहेगा। अलबत्ता बैराज के डाउन स्ट्रीम में चल रहा खनन जारी रहेगा। एनएचपीसी की ओर से प्रशासन और खनन में लगे विभागों को सतर्क किया गया है।
नेपाल के साथ वर्ष 1991 में हुई संधि के तहत भारत सरकार शारदा नदी से जलापूर्ति के लिए टनकपुर बैराज से नेपाल सीमा तक 1.2 किमी लंबी नहर बनवा रही है। नोडल एजेंसी एनएचपीसी की देखरेख में नहर निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जलापूर्ति के लिए बैराज से करीब 50 मीटर की दूरी पर तटबंध में हेड रेगुलेटर का निर्माण होना है। यह कार्य आठ फरवरी 31 मार्च तक प्रस्तावित है। पावर स्टेशन के महाप्रबंधक एसके शर्मा ने आठ फरवरी से पावर स्टेशन में शटडाउन की घोषणा की है। बताया कि कुल 105 एमवी की क्षमता के सापेक्ष आजकल यहां करीब 3997 क्यूसेक जलस्तर होने के कारण 25 एमवी बिजली ही बन रही है।
ग्रिड से वैकल्पिक व्यवस्था के कारण बंदी का असर स्थानीय बिजली आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने नेपाल समेत चंपावत जिला प्रशासन को भी सूचित कर जनसुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया गया है। इसके लिए बैराज में भरे पानी को सीधे डाउन स्ट्रीम की नहर में छोड़ा जाना है। ऐसी स्थिति में टनकपुर पावर स्टेशन की नहर में जलापूर्ति और बिजली उत्पादन ठप रहेगा और डाउन स्ट्रीम में चल रहा खनन कार्य भी प्रभावित हो सकता है। इधर खनन प्रभारी हरीश पाल का कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने से खनन कार्य प्रभावित होने की उम्मीद कम है लेकिन बैराज में डंप पानी छोड़ने के दौरान एक-दो दिन खनन प्रभावित रह सकता है।
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नेपाल के साथ वर्ष 1991 में हुई संधि के तहत भारत सरकार शारदा नदी से जलापूर्ति के लिए टनकपुर बैराज से नेपाल सीमा तक 1.2 किमी लंबी नहर बनवा रही है। नोडल एजेंसी एनएचपीसी की देखरेख में नहर निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जलापूर्ति के लिए बैराज से करीब 50 मीटर की दूरी पर तटबंध में हेड रेगुलेटर का निर्माण होना है। यह कार्य आठ फरवरी 31 मार्च तक प्रस्तावित है। पावर स्टेशन के महाप्रबंधक एसके शर्मा ने आठ फरवरी से पावर स्टेशन में शटडाउन की घोषणा की है। बताया कि कुल 105 एमवी की क्षमता के सापेक्ष आजकल यहां करीब 3997 क्यूसेक जलस्तर होने के कारण 25 एमवी बिजली ही बन रही है।
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ग्रिड से वैकल्पिक व्यवस्था के कारण बंदी का असर स्थानीय बिजली आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने नेपाल समेत चंपावत जिला प्रशासन को भी सूचित कर जनसुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया गया है। इसके लिए बैराज में भरे पानी को सीधे डाउन स्ट्रीम की नहर में छोड़ा जाना है। ऐसी स्थिति में टनकपुर पावर स्टेशन की नहर में जलापूर्ति और बिजली उत्पादन ठप रहेगा और डाउन स्ट्रीम में चल रहा खनन कार्य भी प्रभावित हो सकता है। इधर खनन प्रभारी हरीश पाल का कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने से खनन कार्य प्रभावित होने की उम्मीद कम है लेकिन बैराज में डंप पानी छोड़ने के दौरान एक-दो दिन खनन प्रभावित रह सकता है।
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