फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Sukidang Sririta Sahib came first from vehicle

पहली बार सूखीढांग से श्रीरीठा साहिब पहुंचा वाहन

Fri, 06 Jan 2017 09:58 PM IST
चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला, चंपावत
चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला, चंपावत Updated Fri, 06 Jan 2017 09:58 PM IST
विज्ञापन
Sukidang Sririta Sahib came first from vehicle
पहली बार सूखीढांग से श्रीरीठा साहिब पहुंचा वाहन - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
टनकपुर से श्रीरीठा साहिब का फासला इस वक्त 150 किलोमीटर है, लेकिन जल्द ही यह दूरी घटकर 80 किलोमीटर रह जाएगी। सूखीढांग-डांडा-मीडार (एसडीएम) रोड की कटिंग पूरी होने और श्रीरीठा की तरफ से मछियाड़ तक की रोड कटिंग तकरीबन पूरी हो गई है। अब श्रीरीठा साहिब के श्रद्धालु सहित यहां आवाजाही करने वालों की 70 किमी की दूरी कम हो जाएगी। पहली बार सूखीढांग-श्रीरीठा साहिब मार्ग पर पिछले सप्ताह लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जीप से आवाजाही की।

पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित कई जगहों से आने वाले श्रद्धालु टनकपुर से चंपावत होते हुए 150 किमी का सफर पूरा कर श्रीरीठा साहिब पहुंचते हैं। इस दूरी को तय करने में उन्हें करीब छह घंटे का वक्त लगता है, मगर अब इस फासले को करीब साढ़े तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वजह सूखीढांग से श्रीरीठा साहिब तक की सड़क की कटिंग पूरी हो गई है। रोड का काम पूरा होने के बाद यह रोड आवाजाही के लिए शुरू की जाएगी। तब श्रद्धालु टनकपुर से 24 किमी सूखीढांग पहुंचने के बाद यहां से 56 किमी का सफर पूरा कर श्रीरीठा साहिब पहुंच सकेंगे।
विज्ञापन


लोनिवि के चंपावत डिवीजन के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट ने बताया कि 56 किमी लंबे इस मोटर मार्ग की कटिंग में 15 करोड़ रुपए लगे। 2004 में स्वीकृत इस मार्ग पर वन अनापत्ति दूर करने, वित्तीय मंजूरी सहित कई प्रक्रियाओं को पूरा करने में लंबा वक्त लगा। अलबत्ता अब इस रोड की कटिंग को करीब पूरा कर लिया गया है। रोड कटिंग के बाद दीवार और कलमर्ट का काम किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन





लधिया के लोगों को चौतरफा फायदा
लधिया घाटी के लोगों को इस सड़क के शुरू होने से सबसे ज्यादा फायदा होगा। ग्रामीणों का कहना है कि रोड से उनकी मैदानी क्षेत्र टनकपुर तक पहुंच आसान हो जाएगी। दूरी कम होने से भवन निर्माण सहित विभिन्न सामग्री लाने की लागत में करीब 45 प्रतिशत तक की कमी आएगी। वहीं फल, जड़ी-बूटियां और अन्य सामान को मंडी तक पहुंचाने की सुविधा भी मिलेगी।

रोड से इन गांवों को लाभ होगा
रोड से क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों को लाभ होगा। इनमें सूखीढांग, गेरलेख, चौड़ाकोट, धुरा, पातल, मथियाबांज, तलियाबांज, बकोरिया, बुड़म, कल्लाड़, डांडा, कठौती, ककनई की धार, मल्ली टांण, तल्ली टांण, साल, मछियाड़, तलाड़ी, कुल्यालगांव, चौड़ामेहता, श्रीरीठा साहिब आदि शामिल हैं।



एसडीएम रोड की कटिंग का ज्यादातर काम पूरा कर लिया गया है। कुछ जगहों पर कलमर्ट और दीवार बनाई जा रही है। कटिंग के बाद दूसरे चरण में डामरीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। -डीडी भट्ट, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, चंपावत डिवीजन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed