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अस्पताल से रेफर, सूखीढांग में जन्मा शिशु
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 01 Nov 2015 10:09 PM IST
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6.06 करोड़ रुपये का जिला अस्पताल का भवन देखने में खूबसूरत और विशालकाय है लेकिन यहां सुविधाओं की जबर्दस्त कमी है। अस्पताल में जटिल मामलों के प्रसव को कराने का इंतजाम नहीं है। ऐसे ही एक रेफरल केस में एक महिला ने यहां से 51 किलोमीटर दूर सूखीढांग में आपात चिकित्सा सेवा 108 में शिशु को जन्मा। वहीं टनकपुर के संयुक्त अस्पताल ने महिला को भर्ती करने से इनकार कर दिया।
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सिप्टी न्याय पंचायत क्षेत्र के लफड़ा गांव की बबीता देवी (30) पत्नी विद्या राम को पेट दर्द की शिकायत के बाद शनिवार रात जिला अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी मेडिकल अफसर डा.इंद्रजीत पांडेय और डा.आरपी खंडूरी ने बबीता को भर्ती करने के बाद महिला चिकित्साधिकारी को बुलाया। डॉक्टरों की टीम ने इलाज करने के बाद मामले की जटिलता के चलते गर्भवती को उच्च केंद्र रेफर किया।
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सूखीढांग के पास बबीता ने आपात चिकित्सा सेवा 108 में ही शिशु को जन्म दिया। परीक्षण के लिए 108 सेवा टनकपुर संयुक्त अस्पताल गई, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने महिला को भर्ती करने से इनकार कर दिया। टनकपुर अस्पताल प्रशासन ने कहा कि मरीज को हायर सेंटर रेफर किया गया है, इसलिए वे मरीज को भर्ती नहीं कर सकते। टनकपुर से महिला को दोबारा यहां लाया गया। इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया।
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गर्भवती महिला की तबियत क्रिटिकल थी। इलाज के बाद महिला का रक्तचाप तो सामान्य हो गया, लेकिन शरीर में खून की कमी थी। महिला का हीमोग्लोबिन मात्र 7 था। साथ ही उसका नियमित टीकाकरण नहीं हुआ था, जिस कारण महिला को रेफर करना पड़ा। -डा.श्वेता खर्कवाल, चिकित्साधिकारी, जिला अस्पताल
ब्लड बैंक की कमी पड़ रही भारी
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक भवन तो बना है, लेकिन ब्लड बैंक संचालित नहीं हो रहा है। इस वजह से यहां गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है और काफी रोगियों को इसी वजह से रेफर करना पड़ रहा है। पिछले साल एक क्षेत्र पंचायत सदस्य की भी वक्त पर खून नहीं मिलने से मौत हो चुकी है। वहीं टनकपुर अस्पताल में एक भी महिला चिकित्साधिकारी नहीं है। एक महिला चिकित्साधिकारी को करीब एक माह पूर्व देहरादून संबद्ध कर दिया गया।
जिला अस्पताल में सुधार की तत्काल जरूरत है। ब्लड बैंक भवन बनने के बाद आगे की कार्रवाई लटकी है। टनकपुर में महिला चिकित्साधिकारी नहीं होने से दिक्कत बढ़ी है। जिला अस्पताल को सुविधायुक्त बनाने के लिए उच्चाधिकारियों को नियमित पत्र लिखे जा रहे हैं। -डा.विनोद टोलिया, सीएमओ
शराबी ने काटा हंगामा
लफड़ा गांव की महिला बबीता देवी के पति विद्याराम के घर में नहीं होने की वजह से उन्हें रिश्तेदार और गांव के दूसरे लोग अस्पताल लाए, लेकिन इनमें से एक व्यक्ति ने अस्पताल में शराब पीकर खूब हंगामा किया। डा.आरपी खंडूरी ने बताया कि शराबी व्यक्ति ने काम में अड़चन के साथ ही अस्पताल के महिला स्टाफ के साथ अभद्रता भी की। बाद में अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, तब जाकर शराबी व्यक्ति का हंगामा थमा।