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छात्रों ने डिग्री कॉलेज में की तालाबंदी
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एमएससी और एमकॉम खोलने की मांग को लेकर चंपावत डिग्री कॉलेज में तालाबंदी करते छात्र। संवाद न्यूज ए?
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। राजकीय डिग्री कॉलेज में एमएससी और एमकॉम की कक्षाएं शुरू नहीं होने से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) सहित तमाम छात्र-छात्राएं भड़क गए। उन्होंने कक्षाओं के इसी सत्र से संचालन की मांग को लेकर मंगलवार को कॉलेज के प्रशासनिक भवन में सांकेतिक तालाबंदी की। साथ ही प्राचार्या को ज्ञापन सौंपकर बुधवार से अनिश्चितकालीन धरना और तालाबंदी की चेतावनी दी। इन्हीं मांगों को लेकर इस माह के शुरू में अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ललित देउपा और मुकेश जोशी ने देहरादून में सीएम से मुलाकात भी की थी।
चंपावत डिग्री कॉलेज को कुछ माह पहले कैंपस का दर्जा देते हुए पांच करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था इसके बावजूद यहां न विषय संचालित हो पाए और न नई संकाय ही। छात्रों ने सैन्य विज्ञान, संस्कृत, शिक्षाशास्त्र की मंजूरी, एमएससी, एमकॉम की स्वीकृति, पीजी में भूगोल, गृह विज्ञान, अंग्रेजी, शिक्षकों के पदों का सृजन, पुस्तकालय प्रभारी की नियुक्ति की मांग की। साथ ही मंगलवार को कॉलेज में तालाबंदी भी की।
कहा कि इन विषयों के नहीं होने से यहां के छात्र छात्राओं को दूसरे कॉलेज में जाना पड़ रहा है। तालाबंदी करने वालों में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष पारस सिंह महर, कमल बिष्ट, तुषार वर्मा, मनीष महर, हर्षित राय, भानु प्रकाश, प्रियंका पुजारी, किरन, प्रियंका आदि शामिल थे। उधर प्राचार्या डॉ. प्रणीता नंद का कहना है कि छात्रों की मांगों को निदेशालय स्तर से शासन को भेज दिया गया है।
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शिक्षकों के चार पद खाली
चंपावत। 1996 में स्थापित चंपावत राजकीय डिग्री कॉलेज में बीकॉम, बीएससी, बीए और पीजी (हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति शास्त्र, समाज शास्त्र, अर्थशास्त्र) में कुल मिलाकर 14 विषय हैं। 1192 छात्र-छात्राओं वाले इस कॉलेज में शिक्षकों के 19 में से चार पद खाली हैं।
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चंपावत डिग्री कॉलेज को कुछ माह पहले कैंपस का दर्जा देते हुए पांच करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था इसके बावजूद यहां न विषय संचालित हो पाए और न नई संकाय ही। छात्रों ने सैन्य विज्ञान, संस्कृत, शिक्षाशास्त्र की मंजूरी, एमएससी, एमकॉम की स्वीकृति, पीजी में भूगोल, गृह विज्ञान, अंग्रेजी, शिक्षकों के पदों का सृजन, पुस्तकालय प्रभारी की नियुक्ति की मांग की। साथ ही मंगलवार को कॉलेज में तालाबंदी भी की।
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कहा कि इन विषयों के नहीं होने से यहां के छात्र छात्राओं को दूसरे कॉलेज में जाना पड़ रहा है। तालाबंदी करने वालों में छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष पारस सिंह महर, कमल बिष्ट, तुषार वर्मा, मनीष महर, हर्षित राय, भानु प्रकाश, प्रियंका पुजारी, किरन, प्रियंका आदि शामिल थे। उधर प्राचार्या डॉ. प्रणीता नंद का कहना है कि छात्रों की मांगों को निदेशालय स्तर से शासन को भेज दिया गया है।
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शिक्षकों के चार पद खाली
चंपावत। 1996 में स्थापित चंपावत राजकीय डिग्री कॉलेज में बीकॉम, बीएससी, बीए और पीजी (हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति शास्त्र, समाज शास्त्र, अर्थशास्त्र) में कुल मिलाकर 14 विषय हैं। 1192 छात्र-छात्राओं वाले इस कॉलेज में शिक्षकों के 19 में से चार पद खाली हैं।