{"_id":"5b5232444f1c1b466d8b5f95","slug":"student-council-worker-will-be-gradual-fasting-from-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता आज से करेंगे क्रमिक अनशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता आज से करेंगे क्रमिक अनशन
अमर उजाला /ब्यूरो चंपावत।
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
चंपावत में प्रभारी प्राचार्य को ज्ञापन देते एबीवीपी कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं की ओर से 21 जुलाई से महाविद्यालय परिसर में क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इस संबंध में विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने डीएम डॉ.अहमद इकबाल और प्रभारी प्राचार्या डॉ.सुमनकुमारी के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को ज्ञापन भेजा है, जिसमें महाविद्यालय की पांच सूत्री मांगों पर शासनादेश जारी नहीं होने पर 24 जुलाई से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
परिषद की जिला संयोजिका पूजा खाती, सह जिला संयोजक हरीश जोशी, धीरज चौड़ाकोटी, मेघा बोहरा, विनीता उरियाल, सृष्टि खर्कवाल, भावना ढेक, प्रेमबल्लभ, हीरा जोशी आदि की ओर से भेजे गए ज्ञापन में महाविद्यालय में एमएससी और एमकॉम की स्वीकृति, कला संकाय के एमए में अंग्रेजी, इतिहास, हिंदी, समाजशास्त्र विषयों की स्वीकृति, कला संकाय के स्नातक में संस्कृत और शिक्षाशास्त्र विषय की स्वीकृति, सृजित पदों में स्थायी प्राध्यापकों की तैनाती तथा पुस्तकालय स्टाफ के पदों पर तैनाती किए जाने की मांगें शामिल हैं। परिषद कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक साल पूर्व वार्षिक समारोह में आए उच्च शिक्षा मंत्री को महाविद्यालय की समस्याओं का ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन आज तक एक भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। जिस कारण उनके पास क्रमिक और आमरण अनशन करने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं रह गया है।
\
विज्ञापन
परिषद की जिला संयोजिका पूजा खाती, सह जिला संयोजक हरीश जोशी, धीरज चौड़ाकोटी, मेघा बोहरा, विनीता उरियाल, सृष्टि खर्कवाल, भावना ढेक, प्रेमबल्लभ, हीरा जोशी आदि की ओर से भेजे गए ज्ञापन में महाविद्यालय में एमएससी और एमकॉम की स्वीकृति, कला संकाय के एमए में अंग्रेजी, इतिहास, हिंदी, समाजशास्त्र विषयों की स्वीकृति, कला संकाय के स्नातक में संस्कृत और शिक्षाशास्त्र विषय की स्वीकृति, सृजित पदों में स्थायी प्राध्यापकों की तैनाती तथा पुस्तकालय स्टाफ के पदों पर तैनाती किए जाने की मांगें शामिल हैं। परिषद कार्यकर्ताओं का कहना है कि एक साल पूर्व वार्षिक समारोह में आए उच्च शिक्षा मंत्री को महाविद्यालय की समस्याओं का ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन आज तक एक भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। जिस कारण उनके पास क्रमिक और आमरण अनशन करने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं रह गया है।
विज्ञापन
\