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बाघ पकड़ने को पिंजरों के पास महिला का पुतला खड़ा किया
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर
Updated Mon, 08 May 2017 11:46 PM IST
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हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज में विचरण कर रहे हमलावर बाघ को पकड़ने की वन विभाग की कोशिश जारी है, लेकिन बाघ का मूवमेंट घटना स्थल के आसपास नहीं मिल रहा है। अलबत्ता पांच दिन पहले रेंज के उत्तरी गुलियापानी बीट में बाघ दिखाई दिया था। बाघ को पिंजरे में कैद करने को अब विभाग ने पिंजरों के पास महिला का पुतला खड़ा किया है।
शारदा रेंज के जंगल में पिछले कुछ दिनों में कई बाघों का मूवमेंट मिलने से जंगल से लगे गांवों में खतरा बढ़ गया है। रेंज के द्वान बीट में दो माह के अंदर बाघ दो महिलाओं की जान ले चुका है। पहली घटना में 26 फरवरी को जंगल में लकड़ी बीनने गई महिला को निवाला बनाया और दूसरी में एक माह बाद जंगल में चारा लेने गई महिला को मौत के घाट उतारा था। दो महिलाओं की जान लेने के बाद विभाग ने हमलावर बाघ को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की। डीएफओ डा. चंद्रशेखर सनवाल के निर्देश पर घटनास्थल के आसपास जंगल में सीसीटीवी लगाने के साथ ही दो पिंजरे भी लगाए गए हैं।
बाघ को ललचाने के लिए इन पिंजरों के एक खाने में पशु रखे गए थे, लेकिन पिंजरे लगाने के बाद बाघ ने घटनास्थल के आसपास मूवमेंट ही नहीं किया। नई कोशिश के तहत अब विभाग ने पिंजरों के पास महिला का पुतला खड़ा किया है। वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य ने बताया कि उत्तरी गुलियापानी बीट में बाघ के दिखाई देने के अगले दिन घटनास्थल के आस-पास बाघ के पंजे के निशान दिखे थे, जिससे अनुमान है कि बाघ का वहां मूवमेंट हुआ है। इसके बाद उसके मूवमेंट के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
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टनकपुर। शारदा रेंज के जंगल से लगे छीनीगोठ गांव में दो दिन से तेंदुआ गौशाला में घुसकर पशुओं को निवाला बना रहा है, जिससे ग्रामीणों में खासी दहशत बनी हुई है। ग्राम प्रधान दीपा बिष्ट ने बताया कि रविवार की रात हेमराज के गौशाले में घुसकर तेंदुए ने बछिया को मार डाला। इससे एक दिन पहले चंदर राम के गौशाले में तेंदुए ने बैल को निवाला बनाया था। ग्राम प्रधान ने बताया कि तेंदुए की लगातार दस्तक से लोगों में भय बना हुआ है। स्थिति यह है कि रात के वक्त डर के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
शारदा रेंज के जंगल में पिछले कुछ दिनों में कई बाघों का मूवमेंट मिलने से जंगल से लगे गांवों में खतरा बढ़ गया है। रेंज के द्वान बीट में दो माह के अंदर बाघ दो महिलाओं की जान ले चुका है। पहली घटना में 26 फरवरी को जंगल में लकड़ी बीनने गई महिला को निवाला बनाया और दूसरी में एक माह बाद जंगल में चारा लेने गई महिला को मौत के घाट उतारा था। दो महिलाओं की जान लेने के बाद विभाग ने हमलावर बाघ को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की। डीएफओ डा. चंद्रशेखर सनवाल के निर्देश पर घटनास्थल के आसपास जंगल में सीसीटीवी लगाने के साथ ही दो पिंजरे भी लगाए गए हैं।
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बाघ को ललचाने के लिए इन पिंजरों के एक खाने में पशु रखे गए थे, लेकिन पिंजरे लगाने के बाद बाघ ने घटनास्थल के आसपास मूवमेंट ही नहीं किया। नई कोशिश के तहत अब विभाग ने पिंजरों के पास महिला का पुतला खड़ा किया है। वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य ने बताया कि उत्तरी गुलियापानी बीट में बाघ के दिखाई देने के अगले दिन घटनास्थल के आस-पास बाघ के पंजे के निशान दिखे थे, जिससे अनुमान है कि बाघ का वहां मूवमेंट हुआ है। इसके बाद उसके मूवमेंट के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
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टनकपुर। शारदा रेंज के जंगल से लगे छीनीगोठ गांव में दो दिन से तेंदुआ गौशाला में घुसकर पशुओं को निवाला बना रहा है, जिससे ग्रामीणों में खासी दहशत बनी हुई है। ग्राम प्रधान दीपा बिष्ट ने बताया कि रविवार की रात हेमराज के गौशाले में घुसकर तेंदुए ने बछिया को मार डाला। इससे एक दिन पहले चंदर राम के गौशाले में तेंदुए ने बैल को निवाला बनाया था। ग्राम प्रधान ने बताया कि तेंदुए की लगातार दस्तक से लोगों में भय बना हुआ है। स्थिति यह है कि रात के वक्त डर के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।