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Champawat News: बच्चों के जीवन में प्रकाश फैला रहे हैं प्रकाश

Wed, 04 Sep 2024 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Wed, 04 Sep 2024 11:17 PM IST
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Spreading light in the lives of children
 प्रकाश चंद्र उपाध्याय, राइंका बापरू सेवारत शिक्षक।
चंपावत। जिले के दो शिक्षक विद्यालयों में अवकाश के बावजूद बच्चों में ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं। इनमें एक हैं सेवानिवृत्त प्रकाश सिंह अधिकारी और दूसरे हैं सेवारत शिक्षक प्रकाश चंद्र उपाध्याय। इनकी मेहनत से इन विद्यालयों के विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
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सेवानिवृत्त शिक्षक प्रकाश सिंह अधिकारी बाराकोट ब्लॉक के राउप्रा विद्यालय फर्तोला में बच्चों को गणित विषय में दक्ष कर रहे हैं। वहीं, सेवारत शिक्षक प्रकाश चंद्र उपाध्याय जीआईसी बापरू में सामाजिक विज्ञान के एलटी के शिक्षक हैं। अवकाश के दिन भी ये शिक्षक विद्यालय पहुंच कर विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान करते हैं। गर्मी, बारिश इनके कार्य में बाधा नहीं बनते हैं।
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एआई में 450 बच्चों को कर रहे प्रवीण

चंपावत। जीआईसाी बापरू के शिक्षक प्रकाश चंद्र उपाध्याय अवकाश के दिन भी बच्चों को पढ़ाने विद्यालय पहुंचते हैं। अति आवश्यक कार्य होने पर घर से ऑनलाइन पढ़ाते हैं। छह विषयों में एमए कर चुके उपाध्याय को राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार मिले हैं। हाल ही में उन्हें उत्तराखंड गौरव सम्मान मिला है। वह जिले के बच्चों में एआई क्रांति लाना चाहते हैं। इसे लेकर वह 450 बच्चों को एआई में प्रवीण कर रहे हैं। संवाद
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सेवानिवृत्त होने के बाद भी कर रहे शिक्षा दान

चंपावत। 31 मार्च 2024 को सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षक प्रकाश सिंह अधिकारी छात्र हित में रिटायर होने के बाद भी समय पर विद्यालय पहुंचते हैं। विज्ञान और गणित का अध्यापन कराने के साथ ही स्कूल की व्यवस्था सुधारने में अपना योगदान दे रहे हैं। अपने निजी संसाधनों से विद्यालय जाते हैं। वह कोई शुल्क नहीं लेते हैं।
उनका कहना है कि आज के समय में शिक्षा के स्तर को और बढ़ाए जाने की जरूरत है। इसके लिए जब तक उनमें सामर्थ्य रहेगी, ताउम्र शिक्षा दान करेंगे। शिक्षक ने पहली ज्वॉइनिंग प्रावि दुधौरी में 1988 में ली। जिले के तीन प्राथमिक और पांच जूनियर हाईस्कूल में सेवाएं दीं। राउप्रावि फर्तोला विद्यालय को याद करते हुए बताया हैं कि विद्यालय में एक समय छात्र संख्या कम हो गई थी। 2020-21 में स्कूल बंद होने के कगार पर था। मेहनत करने पर अब वहां 46 विद्यार्थी हैं। संवाद


कोट
जिले में राउप्रावि फर्तोला और राइंका बापरू विद्यालयों में शिक्षकों के अवकाश के दौरान पढ़ाई कराई जा रही है। शिक्षा के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने से बच्चे में गुणात्मक सुधार देखा जा रहा है। यह एक अच्छी पहल है। इससे विद्यालयों का परीक्षा परिणाम भी बेहतर आने में मदद मिलेगी। -मेहरबान सिंह बिष्ट, सीईओ, चंपावत।
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