{"_id":"638a3c964c2e65121d36139e","slug":"specialist-doctors-did-not-join-even-after-five-weeks-champawat-news-hld4839569163","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: पांच हफ्ते बाद भी विशेषज्ञ डॉक्टरों ने नहीं किया ज्वाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: पांच हफ्ते बाद भी विशेषज्ञ डॉक्टरों ने नहीं किया ज्वाइन
विज्ञापन
पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल।
- फोटो : CHAMPAWAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। शासन की ओर से चंपावत जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए दो विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात करने के आदेश जारी किए थे लेकिन पांच सप्ताह बीतने के बाद भी चिकित्सकों ने अस्पताल में ज्वाइन नहीं किया है। इस वजह से रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शासन ने दो विशेषज्ञ डॉक्टरों का 28 अक्तूबर को चंपावत जिला अस्पताल स्थानांतरण किया था। लमगड़ा सीएचसी के ईएनटी (कान, नाक और गला) विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र और पीएचसी बड़ालू के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्णिका पंत को चंपावत जिला अस्पताल में तैनात किया था लेकिन दोनों में से एक चिकित्सक ने भी पांच सप्ताह बीतने के बाद भी यहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इस कारण जिले को अभी इन विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्टाफ की कमी के चलते आईसीयू का भी संचालन भी नहीं हो पा रहा है।
इधर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल के नेतृत्व में पिछले महीने 24 नवंबर को मौनव्रत रख कर प्रदर्शन किया गया था। डॉक्टरों की तैनाती को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद सीएम कैंप कार्यालय की ओर से महानिदेशक से बात कर एक सप्ताह में डॉक्टरों की तैनाती का दावा किया गया था लेकिन यह दावा भी पूरा नहीं हो सका। सीएम कैंप कार्यालय चंपावत के नोडल अधिकारी केएस बृजवाल का कहना है कि दोनों विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
लचर स्वास्थ्य सेवाओं से जिला अस्पताल रेफरल सेंटर का पर्याय बन गया है। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरण आदेश के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों का ज्वाइन न करना सरकार की अक्षमता को दर्शाता है। आईसीयू के संचालन से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर कांग्रेस जनता को साथ लेकर इसी महीने बड़ा आंदोलन करेगी।
- हेमेश खर्कवाल, पूर्व विधायक, चंपावत।
विज्ञापन
शासन ने दो विशेषज्ञ डॉक्टरों का 28 अक्तूबर को चंपावत जिला अस्पताल स्थानांतरण किया था। लमगड़ा सीएचसी के ईएनटी (कान, नाक और गला) विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र और पीएचसी बड़ालू के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्णिका पंत को चंपावत जिला अस्पताल में तैनात किया था लेकिन दोनों में से एक चिकित्सक ने भी पांच सप्ताह बीतने के बाद भी यहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इस कारण जिले को अभी इन विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्टाफ की कमी के चलते आईसीयू का भी संचालन भी नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
इधर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल के नेतृत्व में पिछले महीने 24 नवंबर को मौनव्रत रख कर प्रदर्शन किया गया था। डॉक्टरों की तैनाती को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद सीएम कैंप कार्यालय की ओर से महानिदेशक से बात कर एक सप्ताह में डॉक्टरों की तैनाती का दावा किया गया था लेकिन यह दावा भी पूरा नहीं हो सका। सीएम कैंप कार्यालय चंपावत के नोडल अधिकारी केएस बृजवाल का कहना है कि दोनों विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
लचर स्वास्थ्य सेवाओं से जिला अस्पताल रेफरल सेंटर का पर्याय बन गया है। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरण आदेश के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों का ज्वाइन न करना सरकार की अक्षमता को दर्शाता है। आईसीयू के संचालन से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर कांग्रेस जनता को साथ लेकर इसी महीने बड़ा आंदोलन करेगी।
- हेमेश खर्कवाल, पूर्व विधायक, चंपावत।