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पूर्व सैनिक व सामाजिक कार्यकर्ता शिवराज चंद नहीं रहे
Sun, 30 Jun 2019 10:23 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sun, 30 Jun 2019 10:23 PM IST
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दिवंगत पूर्व सैनिक शिवराज चंद का फाईल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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एक सितंबर 1994 को खटीमा गोलीकांड से आहत होकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पद से नहीं हटने तक नंगे पैर चलने और बाल-दाड़ी न कटवाने का संकल्प लेने वाले भाजपा कार्यकर्ता पूर्व सैनिक शिवराज चंद का रविवार सुबह हार्ट अटैक से निधन हो गया।
वह 72 वर्ष के थे और वर्तमान में सेना के टनकपुर स्थित सैनिक विश्राम गृह के प्रबंधक पद पर कार्यरत थे। शारदा घाट पर हुई अंत्येष्टि में बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। उनकी चिता को ज्येष्ठ पुत्र अर्जुन चंद और कनिष्ठ पुत्र नवीन चंद ने मुखाग्नि दी।
सामाजिक सरोकारों से जुड़े थे शिवराज
पूर्व सैनिक शिवराज चंद सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे। सेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने आमबाग का प्रधान बनकर जनसेवा की। बाद में भाजपा में शामिल होकर उन्होंने पार्टी के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी निभाई। अलग उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान वह उस समय सुर्खियों में आए जब एक सितंबर 1994 को हुए खटीमा गोलीकांड के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पद से हटने तक नंगे पैर चलने और बाल-दाड़ी न कटवाने का संकल्प लिया। नौ माह तक संकल्प पर कायम रहे थे। 3 जून 1995 को जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री पद से हटे तो श्री चंद ने चप्पल पहन और बाल-दाड़ी कटवाकर अपना संकल्प पूरा किया था।
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पूर्व सैनिक चंद के निधन पर जताया शोक
पूर्व सैनिक शिवराज चंद के निधन पर क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी, लोहाघाट विधायक पूरन फर्त्याल, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार वर्मा, पूर्व राज्यमंत्री बीना महराना, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री शिवराज सिंह कठायत, भाजपा प्रदेश महामंत्री राजू भंडारी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहताश अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष राम दत्त जोशी, जिला महामंत्री दीपक रजवार, पूर्व जिला महामंत्री दीप चंद्र पाठक, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष हरीश हैसियत, बनबसा मंडल अध्यक्ष उमेद सिंह नेगी, शंकर लाल वर्मा, ब्रिगेडियर पुष्कर चंद (रिटायर), पूर्व सैनिक कल्याण समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद, पूर्व उप प्रधान हरीश राजा, कांग्रेस के महेश चंद, सुरेश खर्कवाल, बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी आदि ने शोक जताया।
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वह 72 वर्ष के थे और वर्तमान में सेना के टनकपुर स्थित सैनिक विश्राम गृह के प्रबंधक पद पर कार्यरत थे। शारदा घाट पर हुई अंत्येष्टि में बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। उनकी चिता को ज्येष्ठ पुत्र अर्जुन चंद और कनिष्ठ पुत्र नवीन चंद ने मुखाग्नि दी।
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सामाजिक सरोकारों से जुड़े थे शिवराज
पूर्व सैनिक शिवराज चंद सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे। सेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने आमबाग का प्रधान बनकर जनसेवा की। बाद में भाजपा में शामिल होकर उन्होंने पार्टी के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी निभाई। अलग उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान वह उस समय सुर्खियों में आए जब एक सितंबर 1994 को हुए खटीमा गोलीकांड के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पद से हटने तक नंगे पैर चलने और बाल-दाड़ी न कटवाने का संकल्प लिया। नौ माह तक संकल्प पर कायम रहे थे। 3 जून 1995 को जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री पद से हटे तो श्री चंद ने चप्पल पहन और बाल-दाड़ी कटवाकर अपना संकल्प पूरा किया था।
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पूर्व सैनिक चंद के निधन पर जताया शोक
पूर्व सैनिक शिवराज चंद के निधन पर क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी, लोहाघाट विधायक पूरन फर्त्याल, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार वर्मा, पूर्व राज्यमंत्री बीना महराना, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री शिवराज सिंह कठायत, भाजपा प्रदेश महामंत्री राजू भंडारी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहताश अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष राम दत्त जोशी, जिला महामंत्री दीपक रजवार, पूर्व जिला महामंत्री दीप चंद्र पाठक, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष हरीश हैसियत, बनबसा मंडल अध्यक्ष उमेद सिंह नेगी, शंकर लाल वर्मा, ब्रिगेडियर पुष्कर चंद (रिटायर), पूर्व सैनिक कल्याण समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद, पूर्व उप प्रधान हरीश राजा, कांग्रेस के महेश चंद, सुरेश खर्कवाल, बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी आदि ने शोक जताया।