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चलो मिल खेलें होली नंद घर आनंद भयो री
ब्यूरो/अमर उजाला, पाटी
Updated Wed, 03 Feb 2016 10:45 PM IST
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मस्टा संगीत कला समिति के तत्वावधान में समिति के सदस्य हरीश जोशी के आवास में बैठकी होली का आयोजन किया गया। होली की शुरुआत शिक्षक रोशन पांडेय ने दीप जलाकर गणपति की वंदना गाइए गणपति जग वंदन से की। बीसी भट्ट ने राग काफी में कैसी ये नादानी सैय्यां मोरी अंखिया पिरानी, एमसी भट्ट ने मन रंग दे करतार, एमएन सोराड़ी ने चलो मिल खेलें होली नंद घर आनंद भयो री गीत की शानदार प्रस्तुति दी।
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सागर मौनी ने राग जंगलाकाफी में कौन करे परतीत में हार गई तो से करके प्रीत, पंकज पचौली ने राग काफी में बैरन के मन भाये श्याम मुझसे खेलो ना होली, केसी भट्ट ने बतादे सखि कौन गलिन श्याम गयो, भुवन भट्ट ने राग पीलू में रंगीले छयल खेलें होली, महेश भट्ट ने राग जंगलाकाफी में कैसी बंशिया बजाई घनश्याम, मैं तो भूल गई सब काम, ललित सोराड़ी ने राग सहाना में मुरलि अधर धर तान सुनावे, नाहक कान्हा आन जगावे गीत, आरएन पांडेय ने बहुत दिनों के बिछड़े श्याम को, मैं होरी में मना लाऊंगी, प्रियांशु भट्ट ने क्यों बावरी बन के आई, तुझे किसने होरी खिलाई, डीएस लडवाल ने आई अचानक होरी, पिया परदेश गयो री, सब सखियां मिल होरी खेलो, केसर रंग बनो री, रबीश पचौली प्रस्तुत गीत आई बसंत बहार सखी मोहे पिया से मिला दे गीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तबले पर संगत दीपक अधिकारी, सागर मौनी, कैलाश भट्ट, अंकित भट्ट ने दी।
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