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बस पांच लोगों में कर दिया श्राद्ध
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चंपावत के कफलांग गांव में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पिता प्रकाश जोशी का श्राद्ध करता बेटा शुभम।
- फोटो : AMAR UJALA
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अमर उजाला ब्यूरो
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चंपावत। चंपावत के कफलांग गांव के नामी पुरोहित पंडित प्रकाश जोशी का वार्षिक श्राद्ध मंगलवार को महज पांच लोगों की मौजूदगी में हो गया। वार्षिक श्राद्ध में अधिक लोगों को बुलाने की एक माह पूर्व ली गई इजाजत के बावजूद उनके परिजनों ने ये कदम उठाया। नगर से आठ किमी दूर कफलांग गांव के पुरोहित प्रकाश जोशी का पिछले साल 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। 28 अप्रैल को उनका वार्षिक श्राद्ध हुआ। 13 साल के बेटे शुभम ने श्राद्ध की सभी रस्में पूरी कीं। श्राद्ध की क्रिया को पंडित मोहन पांडेय ने पूरा कराया। मगर इन तमाम धार्मिक क्रियाओं को महज परिवार के लोगों के बीच पूरा किया गया। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क सहित तमाम अन्य कायदे-कानून को पूरी शिद्दत के साथ मानते हुए श्राद्ध की रस्म निभाई गई। पुरोहित प्रकाश जोशी के भाई दिनेश जोशी का कहना है कि सामान्य रूप से श्राद्ध में 500 से अधिक लोगों को आना था, मगर कोरोना वायरस के खतरे के चलते जारी लॉकडाउन में न्यौता नहीं दिया गया। कहते हैं कि मौजूदा हालत में हर व्यक्ति को अपने स्तर से वायरस के खतरों को कम करने के लिए प्रयास करने चाहिए। श्राद्ध को पूरे विधान के साथ कराया गया, ये पर्याप्त है। और श्राद्ध के भोज को जरूरतमंदों को कराने का निर्णय लिया गया।
पिता के श्राद्ध में गोदान की रस्म करते शुभम।
- फोटो : AMAR UJALA
पिता के श्राद्ध में गोदान की रस्म करते शुभम।