फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Sharda barrage

तो शारदा बैराज के पास बनेगा दूसरा बैराज 

Fri, 21 Apr 2017 11:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत) Updated Fri, 21 Apr 2017 11:58 PM IST
विज्ञापन
Sharda barrage
फिर हुआ शारदा बैराज पर रेड अलर्ट - फोटो : अमर उजाला

बनबसा (चंपावत)। अपनी उम्र पूरी कर चुके शारदा बैराज के पास ही दूसरा बैराज बनाए जाने को यूपी सिंचाई विभाग ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव पर सेंट्रल वाटर कमीशन (सीडब्ल्यूसी) की सहमति मिलने के बाद जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार की जाएगी। नया बैराज वर्तमान बैराज के दक्षिणी छोर पर बनाया जाएगा। करीब दो साल में नया बैराज बनकर तैयार होगा। नए बैराज निर्माण को मृदा परीक्षण कर लिया गया है। 

विज्ञापन


वर्ष 1928 में बने शारदा बैराज अपनी उम्र पूरी कर चुका है। बैराज से निकली शारदा नहर यूपी के रायबरेली तक 22 लाख आठ हजार एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई करती है। यूपी सिंचाई विभाग ने सिंचाई के महत्व को देख सरकार के समक्ष नए बैराज निर्माण का प्रस्ताव रखा है। यूपी सिंचाई विभाग के ईई दीपक यादव ने बताया कि शारदा बैराज के पास करीब डेढ़ से दो सौ मीटर की दूरी पर नया बैराज बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
विज्ञापन


मिट्टी के परीक्षण के बाद प्रस्ताव सीडब्ल्यूसी को भेजा गया है। वहां से ओके रिपोर्ट मिलते ही नए बैराज निर्माण की डीपीआर तैयार कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बैराज के साथ ही नहर का हेड रेगुलेटर, सीपेज स्थल, पुलिया आदि का भी निर्माण किया जाएगा। पुराने स्ट्रक्चरों में भी सुधार होगा। वहीं नेपाल के चांदनी, दोधारा गांव को भी सिंचाई का लाभ दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बताया कि नए बैराज का आवागमन मार्ग (पुल) डबल लेन होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान शारदा बैराज का निर्माण कराते समय भूकंप परीक्षण नहीं किया गया था। इस कारण 50 साल की मीयाद वाले शारदा बैराज में निर्माण के 20 वर्ष बाद ही दरार आ गई थी। तब से इसे मरम्मत के जरिए ही कामयाब बनाया जा सका है। उन्होंने बताया कि नेपाल सरकार ने हामी भरी तो नए बैराज को पानी स्टोरेज भी बनाया जा सकेगा। नए बैराज बनने तक पुराना बैराज काम करता रहेगा।


बनबसा (चंपावत)। शारदा बैराज का फाटक नंबर 27 पानी के तेज बहाव में 21 जून 1992 को टूट कर बह गया था। उसके बाद यहां पहुंची टेक्नीकल एडवाइजरी कमेटी ने वर्ष 1994 में सरकार के समक्ष नया बैराज बनाने का प्रस्ताव रखा था। वर्ष 2013 में आई आपदा और बैराज पर सर्वाधिक 5.48 लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित होने से हुए तटबंद नुकसान के बाद से नए बैराज निर्माण की आवाज उठनी शुरू हुई है। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed