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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Seemaant's platform closed the sub-tehsil door for six months

सीमांत मंच की उप तहसील के दरवाजे छह माह से बंद

Sat, 20 May 2017 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Sat, 20 May 2017 11:57 PM IST
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जिले का सीमांत तल्लादेश तामली क्षेत्र आजादी के सात दशक बाद भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। दरअसल राजनीतिक दलों के कोरे आश्वासन यहां की जनता के दर्द को समझने में नाकाम साबित हो रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण सीमांत क्षेत्र में खुली मंच उप तहसील है। दिसंबर 2016 में कांग्रेस सरकार के दौरान मंच में उप तहसील का समारोहपूर्वक शुभारंभ किया गया था, लेकिन तब से छह माह की अवधि बीतने तक उप तहसील कार्यालय के दरवाजे नहीं खुल सके हैं। यहां तक कि इस उप तहसील से अब तक एक भी सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ है।
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क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता शेर सिंह महर, जोत सिंह, राहुल सिंह, बची सिंह आदि का कहना है कि चुनावी लाभ लेने के लिए आनन-फानन में नेपाल सीमा से लगे मंच के पंचायत भवन में तहसील तो खोल दी गई, लेकिन उद्घाटन के बाद से उसका ताला तक नहीं खुल सका है। उप तहसील में न तो इंटरनेट है और न ही कोई स्टाफ तैनात है, जबकि सीमांत क्षेत्र में 14 ग्राम पंचायतों की तकरीबन 20 हजार से अधिक की आबादी अब भी एक अदद प्रमाण पत्र बनने का इंतजार कर रही है। यहां के ग्रामीणों के सामान्य प्रमाण पत्र भी नहीं बन पा रहे हैं। खतौनी की नकल, आय, जाति और स्थायी प्रमाण पत्र बनाने के लिए ग्रामीणों को 45 किमी दूर चंपावत जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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कर्मचारियों और इंटरनेट की कमी बनी बाधा
चंपावत। मंच उप तहसील का अतिरिक्त प्रभार देख रहीं एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा के अनुसार कर्मचारियों और इंटरनेट आदि की कमी के कारण उप तहसील कार्यालय के संचालन में बड़ी बाधा बन रही है।
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