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Champawat News: एक बारिश भी नहीं झेल पाई लाखों से बनीं सुरक्षा दीवारें

Tue, 11 Jul 2023 10:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Tue, 11 Jul 2023 10:38 PM IST
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Security walls made of lakhs could not withstand even a single rain
नेपाल सीमा से लगे रौसाल जीआईसी की टूटी चहारदीवारी। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में हो रही भारी बारिश से दूरस्थ नेपाल सीमा से लगे राजकीय इंटर कॉलेज रौसाल की तीन सुरक्षा दीवारें ढह गई हैं। दो माह पूर्व ही लाखों की लागत से बनीं तीनों दीवारें एक बारिश भी नहीं झेल पाईं। सुरक्षा दीवारें ध्वस्त होने से विद्यालय भवन को खतरा पैदा हो गया है। लोगों ने डीएम से निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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पीटीए अध्यक्ष मोहन चंद्र पांडेय और अन्य लोगों ने बताया कि दीवार गिरने से स्कूल भवन भी खतरे की जद में आ गया है। दीवार का मलबा कक्षा-कक्ष के ऊपर आ गया है। पांडेय ने कहा कि निर्माण कार्य में विभाग ने गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया जिस कारण तीन-तीन सुरक्षा दीवारें एक बारिश भी नहीं झेल पाईं। उन्होंने विभाग और ठेकेदार पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए डीएम से निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग की है। संवाद
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शारदा का जलस्तर बढ़ा, किरोड़ा नाला भी उफान पर

शारदा घाट क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित, वहां लगी दुकानें हटाने के निर्देश
किरोड़ा नाले पर पुलिस तैनात, एसडीएम ने मौके पर जाकर देखे हालात

संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। शारदा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है जिसे देखते हुए प्रशासन ने शारदा स्नानघाट क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित किया है। वहीं शारदा चुंगी काॅलोनी के लोगों से भी सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है।
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मंगलवार की सुबह किरोड़ा नाला उफान पर आ गया जिससे पूर्णागिरि मार्ग के गांवों का टनकपुर से सड़क संपर्क काफी देर कटा रहा। सुरक्षा के लिहाज से नाले के दोनों ओर पुलिस बल तैनात किया गया है। एसडीएम सुंदर सिंह और कोतवाल चंद्रमोहन सिंह ने मौके में जाकर स्थिति का जायजा लिया। सोमवार को जहां जलस्तर 43 हजार क्यूसेक था वहीं मंगलवार की सुबह यह बढ़कर 67 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया था।
इसे देखते हुए प्रशासन ने शारदा घाट क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित किया है। एसडीएम सुंदर सिंह के निर्देश पर तहसीलदार पिंकी आर्या ने घाट क्षेत्र में जाकर वहां लगी दुकानें हटाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।
इनसेट
बाटनागाड़ में मलबा हटाने का काम बाधित

बारिश के कारण मंगलवार को मां पूर्णागिरि धाम मार्ग के बाटनागाड़ में आया मलबा हटाने का काम दिनभर बाधित रहा। सिंचाई विभाग के एसडीओ आरके यादव और लोनिवि की जेई तनुजा देव ने बताया कि बारिश से बाटनागाड़ नाला भी उफान पर है। हालांकि अब नाले में मलबा और पत्थर कम आ रहे हैं। बता दें कि भारी मलबा आने से पूर्णागिरि धाम मार्ग पिछले आठ दिनों से बंद है। संवाद
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तीन आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 12.75 लाख मंजूर

कोट अमोड़ी गांव का मामला, राज्य स्तरीय पुनर्वास समिति की संस्तुति पर मिली वित्तीय स्वीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। जिले के कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत में आपदा से प्रभावित तीन परिवारों के पुनर्वास के लिए 12.75 लाख रुपये की मंजूरी मिली है। राज्य स्तरीय पुनर्वास समिति की संस्तुति पर कोषागार से धनराशि आहरित कर तहसीलदार चंपावत को उपलब्ध कराए जाने की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति शासन से प्राप्त हो गई है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अध्यक्ष/डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि कोट अमोड़ी के आपदा प्रभावित खीमांनद पुत्र लक्ष्मी दत्त, लक्ष्मी दत्त पुत्र प्रेमबल्लभ और त्रिलोगी देवी पत्नी लक्ष्मी दत्त के परिवारों का सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन किया जाएगा। इसके लिए पुनर्वास, विस्थापन के लिए नवीन पुनर्वास नीति-2021 के अनुसार भवन निर्माण के लिए 12 लाख, गोशाला निर्माण के लिए 45 हजार, विस्थापन भत्ते के रूप में 30 हजार की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। तहसीलदार ज्योति धपवाल ने बताया कि जल्द ही तीनों परिवारों के विस्थापन के लिए कार्यवाही शुरू की जाएगी।
इनसेट
स्वांला के तीन प्रभावित परिवारों को भी राहत का इंतजार

चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसे स्वांला गांव के तीन परिवारों को भी विस्थापन और राहत का इंतजार है। स्वांला के मोती राम, गिरीश और महादेव के घर वर्ष 2021 में रोड कटिंग के दौरान खतरे की जद में आ गए थे। भू-गर्भीय परीक्षण में इन तीनों परिवारों के मकान खतरनाक श्रेणी में होने की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने इन परिवारों के विस्थापन की मंजूरी दी है लेकिन अब तक इस दिशा में कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हो पाई है। संवाद

इनसेट
नहीं हुआ मल्ला बापरू के आठ परिवारों का विस्थापन
चंपावत। बाराकोट ब्लॉक का मल्ला बापरू गांव भी एनएच किनारे हैं। इस गांव पर मंडराते खतरे को प्रशासन से लेकर भू-गर्भशास्त्री तक भी मानते है। गांव के आठ परिवारों के विस्थापन के लिए शासन से अनुमति मिल गई है। बावजूद इसके इन परिवारों को विस्थापित नहीं किया गया है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही प्रत्येक परिवार को भवन निर्माण के लिए चार लाख रुपये, दस हजार रुपये विस्थापन भत्ता और 15 हजार रुपये गोशाला निर्माण के लिए दिया जाएगा। संवाद


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आपदा कंट्रोल रूम के ये हैं नंबर

टनकपुर (चंपावत)। मानसून काल में आपदा से निपटने की तैयारी के तहत प्रशासन ने आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर जारी किए हैं। एसडीएम सुंदर सिंह ने बताया कि तहसील में स्थापित आपदा कंट्रोल रूम में किसी भी तरह की आपदा की सूचना देने के लिए मोबाइल नंबर 74560-15119, 79064-17114 व 91051-50058 जारी किए गए हैं। इसके अलावा जिला आपदा कंट्रोल रूम के नंबर 05965-230819, 230703, 1077, 99173-84226 और 78953-18895 पर भी आपदा की जानकारी दी जा सकती है। संवाद
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