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अच्छी खबर:कोलीढेक झील की वन आपत्ति का अड़ंगा दूर हुआ
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पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक लोहाघाट
- फोटो : LOHAGHAT
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शहर के समीप कोलीढेक में निर्माणाधीन जलाशय (झील) में लगा वन विभाग का पेंच दूर हो गया है। झील निर्माण के बाद लोहाघाट के लिए लिफ्ट पेयजल योजना की भी मंजूरी मिल चुकी है।
इसके लिए शासन ने पहले चरण के लिए 19.50 लाख रुपये मंजूर कर दिए हैं। प्रस्तावित झील क्षेत्र में 715 पेड़ आ रहे थे। इनके निस्तारण के लिए विन विभाग की मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। अब पेड़ों के निस्तारण की मंजूरी मिल गई है और वन आपत्ति दूर हो गई है।
2005 में प्रस्तावित कोलीढेक झील निर्माण कार्य शुरू कराने में विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने अहम भूमिका निभाई। 2012 से वे इस मुद्दे को कई बार विधानसभा में उठाते रहे और 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद इसमें तेजी आ गई। शासन ने नाबार्ड के तहत कोलीढेक झील के लिए 2530.41 लाख रुपये का शासनादेश मुख्य महाप्रबंधक को वित्त पोषित करने के संबंध में जारी किया था।
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उसके बाद सिंचाई विभाग ने करीब 3273.13 लाख रुपये की डीपीआर नाबार्ड को भेजी। झील निर्माण के लिए प्रथम किस्त के तौर पर आठ करोड़ रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं। इसमें 4.50 करोड़ रुपये का मुआवजा और लगभग 2 करोड़ रुपये झील स्थल तक सड़क मार्ग, गेट और दीवार निर्माण में खर्च हो चुके हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेश रावत ने बताया कि 3.30 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी करने के अलावा अब अब झील निर्माण में वन आपत्ति दूर कर ली गई है।
कोलीढेक झील निर्माण कार्य में लगी वन आपत्ति को दूर कर लिया गया है। अब झील निर्माण का कार्य गति पकड़ेगा। झील निर्माण के बाद लोहाघाट में पेयजल की समस्या से निपटने के लिए लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य भी शुरू हो जाएगा। इसकेलिए शासन ने जल निगम को प्रथम चरण में 19.50 लाख रुपये दिए हैं। डीपीआर बनने के बाद लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य शुरू हो जाएगा।
पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक, लोहाघाट।
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इसके लिए शासन ने पहले चरण के लिए 19.50 लाख रुपये मंजूर कर दिए हैं। प्रस्तावित झील क्षेत्र में 715 पेड़ आ रहे थे। इनके निस्तारण के लिए विन विभाग की मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। अब पेड़ों के निस्तारण की मंजूरी मिल गई है और वन आपत्ति दूर हो गई है।
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2005 में प्रस्तावित कोलीढेक झील निर्माण कार्य शुरू कराने में विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने अहम भूमिका निभाई। 2012 से वे इस मुद्दे को कई बार विधानसभा में उठाते रहे और 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद इसमें तेजी आ गई। शासन ने नाबार्ड के तहत कोलीढेक झील के लिए 2530.41 लाख रुपये का शासनादेश मुख्य महाप्रबंधक को वित्त पोषित करने के संबंध में जारी किया था।
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उसके बाद सिंचाई विभाग ने करीब 3273.13 लाख रुपये की डीपीआर नाबार्ड को भेजी। झील निर्माण के लिए प्रथम किस्त के तौर पर आठ करोड़ रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं। इसमें 4.50 करोड़ रुपये का मुआवजा और लगभग 2 करोड़ रुपये झील स्थल तक सड़क मार्ग, गेट और दीवार निर्माण में खर्च हो चुके हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेश रावत ने बताया कि 3.30 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी करने के अलावा अब अब झील निर्माण में वन आपत्ति दूर कर ली गई है।
कोलीढेक झील निर्माण कार्य में लगी वन आपत्ति को दूर कर लिया गया है। अब झील निर्माण का कार्य गति पकड़ेगा। झील निर्माण के बाद लोहाघाट में पेयजल की समस्या से निपटने के लिए लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य भी शुरू हो जाएगा। इसकेलिए शासन ने जल निगम को प्रथम चरण में 19.50 लाख रुपये दिए हैं। डीपीआर बनने के बाद लिफ्ट पेयजल योजना का कार्य शुरू हो जाएगा।
पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक, लोहाघाट।

लोहाघाट कोलीढेक के इसी स्थान में बन रही झील।- फोटो : LOHAGHAT