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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   RTI, 25 thousand fine

221 दिन में दी सूचना, देना होगा 25 हजार का जुर्माना

Mon, 30 Nov 2015 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Mon, 30 Nov 2015 11:32 PM IST
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समाज कल्याण विभाग के तत्कालीन लोक सूचनाधिकारी सहायक समाज कल्याण अधिकारी (इस वक्त पाटी में तैनात) गोपाल सिंह राणा को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम का अनुपालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया है। देर से सूचना देने की वजह से राज्य सूचना आयोग ने ये आदेश दिए हैं। आरोप है कि 30 दिन के नियत समय पर दी जाने वाली सूचना 221 दिन में दी गई।

टनकपुर के राजेंद्र खर्कवाल ने 22 नवंबर 2014 को समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था, विधवा, गौरा देवी कन्या धन सहित समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी आरटीआई अधिनियम के अंतर्गत मांगी थी। अधिनियम के तहत इन सूचनाओं की जानकारी 30 दिनों (22 दिसंबर तक) के भीतर दे दी जानी चाहिए थी। मगर यह सूचना 29 जून 2015 को उपलब्ध कराई गई। देरी के चलते आरटीआई कार्यकर्ता खर्कवाल ने सूचना आयोग में अपील की।
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राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने 6 नवंबर को सुनवाई की। लोक सूचना अधिकारी गोपाल सिंह राणा ने स्वास्थ्य खराब होने सहित कई कारणों को सूचना देने में देरी की वजह बताया। मगर सूचना आयोग उनकी इस दलील से संतुष्ट नहीं हुआ। सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना में विलंब का कोई औचित्यपूर्ण कारण लोक सूचना अधिकारी द्वारा नहीं बताया गया। जिस पर उन्होंने देरी के लिए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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आदेश में कहा गया कि गोपाल सिंह राणा इस रकम को राजकोष में जमा करेंगे। एक माह के भीतर यह राशि राजकोष में जमा नहीं होने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को राणा के देयकों के भुगतान से काटकर राजकोष में जमा करने के आदेश दिए गए हैं। उधर जिला समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी ने बताया कि अभी सूचना आयोग का आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलते ही उसे क्रियांवित किया जाएगा।


पांच माह में दूसरे अधिकारी पर लगा जुर्माना
चंपावत जिले में सूचना के अधिकार के उल्लंघन के मामले बढ़ रहे हैं। करीब पांच महीनों में यह आरटीआई उल्लंघन का दूसरा मामला है। इससे पूर्व इसी साल जून में चंपावत के तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी डा.प्रवीण कुमार पर आरटीआई देने में हीलहवाली पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा था।

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