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Champawat News: गंगोलीहाट में 3.10 करोड़ की लागत से रोडवेज स्टेशन बनकर तैयार
Sun, 29 Jun 2025 10:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 29 Jun 2025 10:44 PM IST
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। गंगोलीहाट बाजार से एक मिलोमीटर दूर कफलाड़ी में 3.10 करोड़ की लागत से रोडवेज स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। हस्तांतरण के बाद रोडवेज की बसों का नवनिर्मित स्टेशन से संचालन शुरू हो जाएगा। वर्तमान में गंगोलीहाट के लिए केवल एक ही बस का संचालन हो रहा है। स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग से बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
राज्य बनने से पहले गंगोलीहाट से अलग-अलग स्थानों के लिए तीन बसें संचालित होती थीं, जो वर्तमान में बंद हो चुकी हैं। राजधानी देहरादून के लिए बस सेवा शुरू करने की मांग पांच साल से हो रही है। स्थानीय भूपेश पंत, दीपक, गोविंद बिष्ट और पीएल साह ने बताया कि बस के आने जाने का नियमित समय होता है। टैक्सियों की अपेक्षा बस का किराया कम है। बस नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरन टैक्सियों में सफर करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अब रोडवेज स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। इसके परिसर में कर्मचारियों के लिए आठ वेट की डॉरमेट्री, रेस्टोरेंट, कार्यालय, टिकट कर और एटीएम के कमरे बने हुए हैं। इसके अलावा बसों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह है लेकिन बड़ा सवाल यह है कि बस ही नहीं हैं तो इसका फायदा क्या है। उन्होंने परिवहन विभाग से हस्तांतरण के बाद गंगोलीहाट से देहरादून सहित अन्य रूटों पर भी बसों का संचालन कराने की मांग की है।
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कोट
अभी बस स्टेशन का हस्तांतरण नहीं हुआ है। हस्तांतरण के बाद ही बस स्टेशन का संचालन शुरू किया जाएगा। नई बसें उपलब्ध होने पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम पिथौरागढ़
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राज्य बनने से पहले गंगोलीहाट से अलग-अलग स्थानों के लिए तीन बसें संचालित होती थीं, जो वर्तमान में बंद हो चुकी हैं। राजधानी देहरादून के लिए बस सेवा शुरू करने की मांग पांच साल से हो रही है। स्थानीय भूपेश पंत, दीपक, गोविंद बिष्ट और पीएल साह ने बताया कि बस के आने जाने का नियमित समय होता है। टैक्सियों की अपेक्षा बस का किराया कम है। बस नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरन टैक्सियों में सफर करना पड़ता है।
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उन्होंने कहा कि अब रोडवेज स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। इसके परिसर में कर्मचारियों के लिए आठ वेट की डॉरमेट्री, रेस्टोरेंट, कार्यालय, टिकट कर और एटीएम के कमरे बने हुए हैं। इसके अलावा बसों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह है लेकिन बड़ा सवाल यह है कि बस ही नहीं हैं तो इसका फायदा क्या है। उन्होंने परिवहन विभाग से हस्तांतरण के बाद गंगोलीहाट से देहरादून सहित अन्य रूटों पर भी बसों का संचालन कराने की मांग की है।
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अभी बस स्टेशन का हस्तांतरण नहीं हुआ है। हस्तांतरण के बाद ही बस स्टेशन का संचालन शुरू किया जाएगा। नई बसें उपलब्ध होने पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। - रवि शेखर कापड़ी, एआरएम पिथौरागढ़